उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव: टिकट कटाने को लंबी कतार, बहुगुणा और जाजू समेत दौड़ में कई दावेदार
- प्रचंड बहुमत वाली भाजपा का पलड़ा बहुत भारी
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उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव का एलान होते ही प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा में दावेदारों के नामों की चर्चा शुरू हो गई है। दौड़ में सबसे आगे पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी श्याम जाजू माने जा रहे हैं।
हालांकि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी महेंद्र पांडेय का नाम भी चौंकाने वाला हो सकता है। खांटी संघी पांडेय की कर्मभूमि हिमाचल रही है, लेकिन मूल रूप से वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा के निवासी हैं। इन तीन प्रमुख नामों के अलावा भाजपा में दावेदारों की लंबी कतार है।
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भाजपा के सियासी हलकों में जो नाम तैर रहे हैं, उनमें एक नाम सुरेश भट्ट का भी है। भटट् हरियाणा में पार्टी के महामंत्री संगठन हैं और उत्तराखंड मूल के हैं। उनके अलावा चर्चा में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल का नाम भी है।
पार्टी गोयल को दो बार राज्यसभा का प्रत्याशी बना चुकी है, लेकिन गोयल दोनों बार ऐसे वक्त में प्रत्याशी बनाए गए जब भाजपा मजबूत स्थिति में नहीं थी। हाल ही में प्रदेश कार्यसमिति में शामिल हुए शौर्य डोभाल का नाम भी दावेदारों के तौर पर लिया जा रहा है। उनके अलावा ज्योति गैरोला और नरेश बंसल के नाम भी चर्चाओं में हैं।
विधानसभा में समीकरण
दल संख्या
भाजपा 57
कांग्रेस 11
निर्दलीय 02
कुल योग 70
बाहरी को लेकर उठते रहे सवाल
राज्यसभा चुनाव में भाजपा राज्य से बाहर का उम्मीदवार देगी या राज्य के भीतर से किसी नेता पर दांव लगाएगी, ये जल्द पता चल जाएगा। लेकिन अभी तक यही अनुभव रहा है कि राज्यसभा में गए बाहरी उम्मीदवार की राज्य में सक्रियता को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस ने राजब्बर को उत्तराखंड से राज्यसभा में भेजा।
लेकिन चुने जाने के बाद राजबब्बर ने भाजपा को सवाल उठाने का पूरा मौका दिया। उन पर आरोप लगे कि वे अपने कार्यकाल में उत्तराखंड में दिखाई ही नहीं दिए। राजबब्बर से पहले कांग्रेस कैप्टन सतीश शर्मा और सत्यव्रत चतुर्वेदी को भी उत्तराखंड से राज्यसभा में भेज चुकी है। उनकी सक्रियता को लेकर भी इसी तरह के सवाल उठे थे।
राज्यसभा के लिए नाम पर संसदीय बोर्ड में विचार होगा। नाम तय करने का अधिकार बोर्ड को ही है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
राज्यसभा के लिए नाम को लेकर कोर कमेटी में विचार करेंगे। केंद्रीय नेतृत्व जिसके लिए निर्देश करेगा, वो नाम भेजा जाएगा।
- बंशीधर भगत, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा