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उत्तराखंड: रेडियो कॉलर से हुआ खुलासा, एक दिन में 200 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे तेंदुए

Thu, 24 Dec 2020 08:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 24 Dec 2020 08:40 PM IST
सार

  • रेडियो कॉलर लगाकर तेंदुओं की गतिविधियों की निगरानी कर रहा वन विभाग

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Uttarakhand: Radio Collaring Revealed that Leopard travel 200 kilometers in a day in Hilly and plain Area
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले तेंदुए एक दिन में 200 किलोमीटर तक का भी सफर तय कर रहे हैं। यह खुलासा वन विभाग की टीमों की ओर से कई तेंदुए को लगाए गए रेडियो कॉलर से हुआ है। वन विभाग के विशेषज्ञों की टीमें रेडियो कॉलर लगाए गए इन तेंदुए की कड़ी निगरानी कर रही हैं।

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मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के मुताबिक रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी समेत कई जिलों में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलर लगाए जाने के बाद पता चला है कि कई तेंदुए एक दिन में औसतन 200 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। 
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मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक सुहाग की मानें तो जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व के अलावा राज्य के सभी वन्यजीव अभयारण्यों के साथ ही उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल समेत तमाम जिलों में तेंदुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।

उत्तराखंड के जंगलों में 5000 से अधिक तेंदुए

वैसे तो भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से राजाजी टाइगर रिजर्व और जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व के टाइगर लैंडस्केप में किए गए अध्ययन के मुताबिक तेंदुओं की संख्या 839 है। वर्तमान में उत्तराखंड के जंगलों में 5000 से अधिक तेंदुए हैं।

तेंदुए की संख्या में इजाफा होने के साथ ही मानव- वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ी हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कुछ बेहद संवेदनशील इलाकों में तेंदुओं को रेडियो कॉलर लगाए गए हैं और जिसके जरिए इनकी गतिविधियों पर निगरानी की जा रही है।

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जिए सुहाग का मानना है कि शिकार की खोज में तेंदुए लंबी दूरी का सफर तय कर रहे हैं जो चौंकाने वाला पहलू है।

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