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Uttarakhand: हरेला पर प्रदेश में रिकॉर्ड बनाने की तैयारी, एक दिन में लगाए जाएंगे पांच लाख पौधे

Fri, 11 Jul 2025 11:23 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 11 Jul 2025 11:23 PM IST
सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस बार हरेला का त्योहार मनाओ, धरती मां का ऋण चुकाओ और एक पेड़-मां के नाम की थीम पर यह पौधरोपण आयोजित किया जाएगा।

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Uttarakhand Preparations to make a record in state on Harela Festival five lakh saplings will be planted in a
पौधरोपण - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

राज्य में हरेला पर्व (16 जुलाई) पर पांच लाख पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इससे पहले वर्ष-2016 में हरेला पर ही दो लाख पौधे रोपे गए थे। इस बार पांच लाख पौधे एक दिन में लगाने का लक्ष्य रखा गया है, इसमें तीन लाख गढ़वाल और दो लाख पौधे कुमाऊं मंडल में लगाए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस बार हरेला का त्योहार मनाओ, धरती मां का ऋण चुकाओ और एक पेड़-मां के नाम की थीम पर यह पौधरोपण आयोजित किया जाएगा। पूरे माह इस पर्व के तहत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान को लेकर प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने निर्देश जारी किए हैं। इसमें हर जिले में संबंधित जिलाधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। उनकी अध्यक्षता में एक समिति होगी। यह समिति के माध्यम से जिलों में सार्वजनिक स्थानों आदि का पौधारोपण के लिए चयन करेगी। अभियान में स्थानीय लोगों की बड़े स्तर पर सहभागिता को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। जिला स्तर पर नामित डीएफओ निःशुल्क पौध की व्यवस्था करने के लिए नोडल अधिकारी होंगे।
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50 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जाएंगे
अभियान के तहत जो पौधरोपण किया जाएगा, उसमें 50 प्रतिशत प्रजाति फलदार पौधों की होगी। इनका रखरखाव संंबंधित विभाग, स्थानीय ग्रामीणों, संबंधित लाभार्थियों, वन पंचायतों, महिला/युवा मंगल दलों के माध्यम से होगा। हरेला कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों को दो पौध प्रति परिवार के अनुसार पौध उपलब्ध कराए जाने के लिए जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारी का दायित्व होगा। कार्यक्रम के पहले तीन दिनों में 50 प्रतिशत पौध रोपित करने का भी निर्देश दिया गया है।
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पंचायत क्षेत्र के राजकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि नहीं हो सकेंगे शामिल
राज्य निर्वाचन आयोग ने हरेला पर्व के आयोजन तथा कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के प्रतिभाग किए जाने की अनुमति इस प्रतिबंध के साथ दी गई है कि राजकीय कार्यक्रमों में नगर क्षेत्रों, वन क्षेत्रों व हरिद्वार जिले में जनप्रतिनिधि प्रतिभाग कर सकते हैं। लेकिन ग्रामीण पंचायती निर्वाचन क्षेत्र के राजकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि अतिथि के रूप में प्रतिभाग नहीं कर सकेंगे और न ही निःशुल्क पौध वितरण करेंगे। निःशुल्क पौध वितरण के संबंध में अधिकारियों, कर्मचारियों पर प्रतिबंध नहीं होगा।

पांच लाख पौधे रोपित कर हरेला पर स्थापित होगा नया कीर्तिमान: सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति में हरेला मात्र एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की एक जीवंत और पवित्र परंपरा है। यह पर्व हमारी लोकसंस्कृति, आस्था और पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों का प्रतीक है। 16 जुलाई को हरेला पर्व के पहले दिन पर प्रदेश में पांच लाख पौधे रोपित करने का संकल्प लिया गया है। यह केवल पौधरोपण नहीं बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक हरित धरोहर की नींव रखने का प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस वर्ष की थीम हरेला का त्योहार मनाओ, धरती मां का ऋण चुकाओ–एक पेड़ मां के नाम केवल एक संदेश नहीं बल्कि एक जनआंदोलन का आह्वान है। आइए, हम सब मिलकर इस पुनीत पर्व को उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और भविष्य से जोड़ते हुए एक समृद्ध और हरित राज्य की ओर दृढ़ कदम बढ़ाएं।

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