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बदमाशों का नेटवर्क तोड़ने को उत्तराखंड पुलिस ने मांगा दिल्ली पुलिस से सहयोग
Wed, 15 Jul 2020 01:41 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 15 Jul 2020 01:41 PM IST
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उत्तराखंड पुलिस
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उत्तराखंड पुलिस आसपास के प्रदेशों के बदमाशों की भी खबर रखना चाहती है, ताकि वे राज्य में आकर किसी वारदात को अंजाम न दे सकें। इस संबंध में आईजी गढ़वाल ने अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से संपर्क साधा है।
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उनसे दिल्ली व आसपास के बदमाशों की हर मूवमेंट की खबर साझा करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस जानकारी को साझा करेगी। आईजी गढ़वाल अभिनव कुमार का कहना है कि बीते दस सालों से एक बात सामने आ रही है कि उत्तराखंड पुलिस किसी बदमाश के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नहीं कर सकती है।
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कई बार यह बातें बदमाशों से पुलिस की पूछताछ में भी सामने आती है कि वो इसलिए उत्तराखंड आ जाते हैं कि यहां की पुलिस बहुत नरम दिल है। उन्होंने कहा कि इस छवि को बदलना है। किसी भी सूरत में उत्तराखंड को बदमाशों की शरणस्थली नहीं बनने देना है।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से संपर्क किया गया है। उनसे जानकारी मांगी गई है कि उनके क्षेत्र या आसपास के किसी बदमाश का मूवमेंट उत्तराखंड के किसी शहर की तरफ तो नहीं है।
यदि इस बात की आशंका भी हो तो इसकी जानकारी दी जाए ताकि पुलिस उन्हें यहां आने से रोक सके। इसके अलावा स्थानीय बदमाशों के हर कदम की टोह भी स्थानीय इंटेलीजेंस इकाईयां कर रही हैं।
क्राइम कंट्रोल और क्रिमनल नेटवर्क तोड़ने पर जोर
आईजी अभिनव कुमार का शुरुआत से ही क्राइम कंट्रोल और क्रिमनल नेटवर्क तोड़ने पर जोर रहता है। नया पदभार संभालते ही आईजी ने सभी जिलों की पुलिस को अपने-अपने जनपद के टॉप-10 बदमाशों की सूची तैयार करने को कहा था, ताकि उनकी ठीक ढंग से निगरानी की जा सके।