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उत्तराखंड में थाने 150, सिर्फ चार में अल्पसंख्यक थानेदार
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 19 Dec 2016 10:16 AM IST
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पुलिस
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विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर रविवार को पुलिस की ओर से सभी थानों में अल्पसंख्यकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जनचेतना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि पुलिस महकमे में ही इस वर्ग को ज्यादा तवज्जो नहीं मिल रही है।
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स्थिति यह है कि प्रदेश के 150 थानों में से सिर्फ चार में ही अल्पसंख्यक वर्ग के दारोगाओं को चार्ज दिया गया है। जबकि, प्रदेश की कुल आबादी में अल्पसंख्यक वर्ग की 12 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह भी बता दें कि अल्पसंख्यकों में मुस्लिमों के अलावा, सिख, जैन, ईसाई आदि समुदाय भी शामिल हैं। जिलों में अल्पसंख्यक अधिकारियों की तैनाती की बात करें तो वहां भी स्थिति अलग नहीं है।
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आईपीएस मुख्तार मोहसिन को चार दिन पहले पौड़ी जिले का कप्तान बनाया गया है, लेकिन उनकी ताजपोशी के साथ चंपावत से पीपीएस अधिकारी नवनीत भुल्लर को हटाकर एसडीआरएफ भेजा गया है। पांच साल से सीबीसीआईडी की अपर पुलिस अधीक्षक शाहजहां जावेद को हरिद्वार में एसपी क्राइम का नया पद सृजित कर भेजा गया है।
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सरदार हरवंश सिंह दून में सीओ ट्रैफिक हैं। प्रदेश के अल्पसंख्यकों में इकलौते इंस्पेक्टर अबुल कलाम टिहरी जिले में एसओजी प्रभारी हैं। प्रदेश के 150 थानों में से ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता में सलाउद्दीन, झनकिया में नासिर हुसैन, नैनीताल जिले के काला डूंगी में कमाल हसन और टिहरी जिले के नरेंद्र नगर में अकरम अंसारी को चार्ज है।
वहीं, सिख समुदाय के अधिकारी और दारोगाओं को ऐसे पदों पर तैनाती दी गई है, जिनका बहुत ज्यादा महत्व नहीं है। देहरादून जिले के 20 थानों मई माह से किसी अल्पसंख्यक को चार्ज नहीं दिया गया है। जबकि, यहां अल्पसंख्यक वर्ग के कई दारोगा हैं। कई चौकियों का चार्ज संभाल चुके बीएस बाजवा कैंट कोतवाली में एसएसआई हैं।
दारोगा शमशेर अली लापरवाही के आरोप में एक माह पहले निलंबित हो गए थे। महिला दारोगा भी हैं, लेकिन वह द्वितीय अधिकारी की भूमिका में हैं। हरिद्वार जिले में कई थानों का चार्ज संभाल चुके दारोगा यासीन काफी समय से आईजी आफिस में साइबर क्राइम का काम देख रहे हैं।
प्रदेश के पुलिस थानों में यूपी की तरह किसी तरह के आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। जनसंख्या के लिहाज से यहां दूसरे समीकरण हैं। प्रयास रहता है कि अच्छा कार्य करने वाले थानेदारों को प्राथमिकता दी जाए।
- एमए गणपति, पुलिस महानिदेशक
यहां के थानों में अल्पसंख्यक थानेदार नहीं
जिला थाने
देहरादून - 20
हरिद्वार - 19
पौड़ी - 11
उत्तरकाशी - 7
रुद्रप्रयाग - 5
चमोली - 7
अल्मोड़ा - 10
पिथौरागढ़ - 16
चंपावत - 8
बागेश्वर - 6