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उत्तराखंड: अब साल में दो बार होगा खिलाड़ियों का पीएसटी; हर शनिवार पोर्टल से दो घंटे का आभासी प्रशिक्षण
Thu, 18 Jun 2026 11:27 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:27 PM IST
सार
खेल मंत्री ने कहा, राज्य सरकार मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना को प्रभावी बनाने के लिए प्रयासरत है। इन कदमों से खिलाड़ियों की क्षमता का बेहतर आकलन होगा।
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की प्रगति पर अब अधिक बारीकी से नजर रखी जाएगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत खिलाड़ियों का शारीरिक मानक योग्यता परीक्षण (पीएसटी) वर्ष में दो बार होगा। वहीं, प्रत्येक शनिवार को पोर्टल के माध्यम से दो घंटे का आभासी प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है।
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खेल मंत्री ने कहा, इन कदमों से खिलाड़ियों की क्षमता का बेहतर आकलन होगा। इससे उनके प्रदर्शन में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। राज्य सरकार मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना को प्रभावी बनाने के लिए प्रयासरत है। योजना के नियमों और चयन प्रक्रिया में सुधार के लिए कुछ संशोधनों का प्रस्ताव विचाराधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय होने तक चयन प्रक्रियाएं पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जारी रहेंगी।
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विभाग का मुख्य ध्यान खिलाड़ियों की वास्तविक प्रगति की निगरानी करना है। इसी उद्देश्य से बालक एवं बालिका खिलाड़ियों का शारीरिक मानक योग्यता परीक्षण अंक वर्ष में दो बार दर्ज किया जाएगा। इससे उनकी शारीरिक दक्षता और खेल क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन संभव होगा।
खेल मंत्री ने कहा, सभी जिलों के जिला क्रीड़ा अधिकारियों को विभिन्न खेल प्रशिक्षकों और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। इससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे।