उत्तराखंड पंचायत चुनाव: जिपं अध्यक्ष पद पर पहली बार अनुसूचित जनजाति को आरक्षण, सूची जारी
कई दिनों के संशय पर विराम लगाते हुए आखिरकार रविवार को शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण सूची जारी कर दी। राज्य गठन से लेकर अब तक के हुए पंचायत चुनावों में पहली बार अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण किया गया है। इस कोटे में देहरादून को आरक्षित किया गया है। इसमें भी महिला कोटा लगाया गया है।
शासन ने अनन्तिम सूची जारी करते हुए आपत्तियां भी मांगी हैं। शासन की ओर से जारी आरक्षण पर कांग्रेस के साथ ही पंचायत जन अधिकार मंच ने भी आपत्ति दाखिल करने का मन बनाया है।
पंचायत चुनाव के तहत इस बार ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के आरक्षण की सूची पहले ही जारी की जा चुकी थी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण को जारी नहीं किया गया था। इस बात को लेकर भी खासा विवाद हुआ। अब शासन की ओर से जारी सूची में प्रदेश में पहली बार पंचायतों में अनुसूचित जनजाति के लिए सीट आरक्षित की गई है।
इस कोटे में देहरादून को शामिल किया गया है। 2003 में देहरादून सामान्य, 2008 में महिला आरक्षित और 2014 में सामान्य सीट रही है। देहरादून को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने को लेकर भी विवाद गहराने की आशंका है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि यह सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया।
पंचायत सचिव रणजीत सिन्हा की ओर से जारी अनन्तिम सूची के लिए अब आपत्तियां भी आमंत्रित की गई हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची का प्रकाशन 29 अक्तूबर को होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव का संशोधित कार्यक्रम भी शासन को भेजा जा चुका है। इस नए कार्यक्रम के हिसाब से नवंबर माह के पहले हफ्ते में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुनाव संभव हैं।
अध्यक्ष जिला पंचायत पर जारी आरक्षण
जिला 2019 (अंतिम नहीं) 2014 का आरक्षण
उत्तरकाशी अनारक्षित महिला
टिहरी अनारक्षित महिला
पौड़ी अनुसूचित जाति महिला
रुद्रप्रयाग अनुसूचित जाति (महिला) महिला
चमोली अनारक्षित अनुसूचित जाति महिला
देहरादून अनुसूचित जनजाति(महिला) सामान्य
ऊधमसिंह नगर अन्य महिला सामान्य
नैनीताल अन्य महिला अनुसूचित जाति महिला
अल्मोड़ा अनारक्षित महिला
चंपावत अन्य महिला सामान्य
बागेश्वर अन्य महिला सामान्य
पिथौरागढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग (महिला) सामान्य