त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: एकलपीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती, चुनाव आयोग को नोटिस जारी
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हाईकोर्ट की खंडपीठ में एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें एकलपीठ ने निदेशक पंचायती राज को आदेश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों का निस्तारण करें।
पौड़ी के पूरन सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार, निदेशक पंचायती राज, राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
पंचायती चुनाव में आरक्षण पर आपत्तियों को दो सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश
आरक्षण को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर हाईकोर्ट की एकलपीठ में सुनवाई हुई। मामले के अनुसार विकास नगर निवासी पंकज अग्रवाल और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 31 अगस्त को पंचायत चुनाव की अंतिम आरक्षण सूची जारी की गई है जिसमें पंचायती राज नियमावली 1994 का उल्लंघन किया गया है।
याचिकाकर्ताओं ने 22 अगस्त 2019 के शासनादेश को चुनौती देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में उनके क्षेत्र में आरक्षण का जो रोस्टर बनाया गया है वो गलत है। याचिका में कोर्ट से मांग की गई कि नए सिरे से आरक्षण लागू किया जाए।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद निदेशक पंचायती राज को निर्देश दिया है कि वो याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को दो सप्ताह के भीतर निस्तारित करें।