त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: यहां कंधों पर कपड़े और सिर पर बस्ता रख नदी पार कर रवाना हुई पोलिंग पार्टी
- रामनगर में चुकुम गांव के ग्रामीण दशकों से कर रहे पुल निर्माण की मांग।
- गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीण कोसी नदी में उतरकर ही करते हैं सफर।
विस्तार
उत्तराखंड के रामनगर में चुकुम गांव के लोग बरसों से जिस समस्या से दो चार हो रहे हैं, पोलिंग पार्टियों को भी उसका सामना करना पड़ा। कंधों पर कपड़े और सिर पर पोलिंग बस्ता रखकर अधिकारी-कर्मचारी नदी में उतरे।
चार से पांच फीट गहरे पानी में ग्रामीणों का सहारा लेकर उन्होंने नदी पार की। चुकुम के ग्रामीण दशकों से पुल की मांग कर रहे हैं। आजादी के बाद कितनी सरकारें आईं और गईं, लेकिन चुकुम के ग्रामीण आज भी कोसी नदी में उतरकर मोहान के लिए आवाजाही करते हैं।
एक दशक से चल रही विस्थापन की प्रक्रिया
ग्रामीणों की मानें तो कई बार विधायक, सांसद आदि से पुल के निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। शुक्रवार को रामनगर पहुंची पोलिंग पार्टी को चुकुम जाना था। गांव जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। राजस्व उपनिरीक्षक ताराचंद घिडिल्याल के उत्साह बढ़ाने के बाद ग्रामीणों की मदद से पोलिंग पार्टी चुकुम गांव पहुंची।
चुकुम में मतदान केंद्र संख्या 13 है और गांव में कुल मतदाता 652 है, जिनमें 316 पुरुष व 336 महिलाएं है। गांव अभी भी विकास से कोसो दूर है। एक दशक से विस्थापन की प्रक्रिया भी चल रही है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।