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उत्तराखंड: सचिवालय कूच करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ वेतन कटौती का आदेश
Thu, 24 Dec 2020 10:22 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 24 Dec 2020 10:22 PM IST
सार
- शिक्षकों और कर्मचारियों के नामों की सूची की तलब
- विश्वविद्यालय एक्ट में संशोधन को लेकर किया था प्रदर्शन
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशालय ने विश्वविद्यालय विधेयक 2020 में संशोधन की मांग को लेकर सचिवालय कूच करने वाले अशासकीय कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों के नामों की सूची तलब किए जाने के साथ ही उनकी वेतन कटौती की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ कुमकुम रौतेला की ओर से समस्त अशासकीय कॉलेजों के प्रबंधक एवं प्राचार्यों को लिखे पत्र में कहा गया है कि कुछ अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय के कर्मचारियों और शिक्षकों के द्वारा सरकार के खिलाफ धरना, प्रदर्शन किया जा रहा है। यह शिक्षा के व्यवसायिक आचरण के खिलाफ है।
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महाविद्यालय प्राचार्य धरने में शामिल शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नामों की सूची बनाकर तत्काल एक प्रति क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून और एक उन्हें उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा धरने में शामिल कर्मचारियों एवं शिक्षकों के वेतन की कटौती के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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शिक्षा निदेशक की ओर से कहा गया है कि उत्तराखंड शासन की ओर से नवंबर 2020 तक अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कर दिया गया है ऐसे में शिक्षकों को धरना प्रदर्शन नहीं करना चाहिए।
शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा वेतन के लिए नहीं बल्कि विश्वविद्यालय विधेयक 2020 में संशोधन की मांग की जा रही है। मांग को लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी भी शिक्षक और कर्मचारी के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
-देवेंद्र त्यागी, महासचिव गढ़वाल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ