निकाय चुनाव 2018: देहरादून मेयर सीट पर काम आया सीएम त्रिवेंद्र का दांव, गामा को ऐसे दिलाई जीत
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का नगर निगम देहरादून मेयर पद पर अपने करीबी सुनील उनियाल गामा को मैदान में उतारना काम आया। गामा के पक्ष में त्रिवेंद्र की मजबूत पैरोकारी की वजह से गामा के आगे दूसरे दावेदार अनिल गोयल, उमेश अग्रवाल और पुनीत मित्तल की एक नहीं चली।
मुख्यमंत्री ने न केवल गामा को टिकट सुनिश्चित की बल्कि चुनावी मोर्चे पर भी सबसे आगे रहे। इसी वजह से भितरघात की तमाम आशंकाओं के बीच गामा करीब 36 हजार मतों से जीते। नतीजा, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को कटघरे में खड़ा करने वालों को भी करारा जवाब मिल गया।
प्रदेश के निकाय चुनाव को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन उनकी असल परीक्षा देहरादून नगर निगम में थी। दून में मेयर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया से पहले साफ हो गया था कि मुख्यमंत्री के करीबी सुनील उनियाल गामा प्रत्याशी होंगे। मुख्यमंत्री सात निगमों में से केवल देहरादून पर अपनी पसंद का उम्मीदवार चाहते थे। उन्होंने टिकट आवंटन से पहले पार्टी नेतृत्व को गामा की जीत के लिए आश्वस्त कर दिया था।
सीएम के अड़ने से अन्य दावेदारों की एक नहीं चली। तमाम समीकरणों को दरकिनार कर पार्टी ने गामा को टिकट दिया। जबकि इसके विरोध में एक दावेदार उमेश अग्रवाल ने तो दिल्ली में डेरा तक डाल दिया था। उधर, टिकट मिलने के बाद मुख्यमंत्री की देहरादून में सक्रियता और बढ़ी।
भीतरघात को थामने के लिए पार्टी का पूरा डैमेज कंट्रोल तंत्र देहरादून में डटा रहा। मुख्यमंत्री ने पार्टी कैडर को संदेश देने के लिए गामा के नामांकन से लेकर उनके प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री के खुद उतरने से संगठन की सक्रियता भी देहरादून में सर्वाधिक दिखी। इस रणनीति का नतीजा है कि देहरादून में न केवल मेयर बल्कि बड़ी संख्या में पार्षद जीतकर आए।
35 हजार वोटों से जीतकर गामा बने मेयर
भाजपा के सुनील उनियाल गामा पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस के प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल को 35,632 वोटों के अंतर से शिकस्त देकर देहरादून नगर निगम के नए मेयर बन गए हैं। करीब 24 घंटे तक चली मतगणना के बाद गामा को विजेता घोषित किया गया। कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल दूसरे और आम आदमी पार्टी की रजनी रावत तीसरी स्थान पर रही।
रिटर्निंग अफसर, नगर प्रमुख, नगर निगम अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि मेयर पद पर कुल 350101 वोट पड़े। मतगणना के दौरान 13957 वोट अवैध पाए गए। कुल 333782 वोट वैध पाए गए, जिनमें से भाजपा के सुनील उनियाल गामा को कुल 162516, कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल को 126884, आप की रजनी रावत को 28978, निर्दलीय जगमोहन मेंदीरता को 4268, बसपा के विभूति को 2416, सरदार खान को 2074, उक्रांद के विजय कुमार बौड़ाई को 1978, लोक जनशक्ति पार्टी के रामसुख को 1787, निर्दलीय अभय जोशी को 1654, विजय जंगवान को 739 और सपा की अंजना वालिया को 490 वोट मिले। मेयर पद पर कुल 2359 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। गामा और दिनेश अग्रवाल के अलावा कोई भी प्रत्याशी जमानत नहीं बचा पाया।
सात बजे तक जारी रही। वोटों की गिनती के लिए कर्मचारियों की 14 अलग-अलग टेबल लगाई गई थी। मेयर पद पर पहला रुझान सोमवार दोपहर दो बजे आया था। जबकि अंतिम परिणाम बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जारी किया गया।
किस चरण में प्रत्याशियों को मिले वोट
ऐसे घटती-बढ़ती रही गामा की लीड
समय - लीड
दोपहर दो बजे-1143
अपराहन चार बजे- 1810
शाम पांच बजे- 6409
शाम छह बजे- 8924
रात आठ बजे-9821
रात नौ बजे- 13736
रात 10 बजे- 17038
रात 12 बजे- 24152
रात एक बजे-26035
रात दो बजे- 27782
सुबह तीन बजे- 32471
सुबह चार बजे- 34378
सुबह पांच बजे- 39343
सुबह 7:30 बजे-35,632