फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news : youth getting employment from home stay plan

Uttarakhand News : होम स्टे योजना से युवाओं को मिल रहा रोजगार, बनी आजीविका का आधार

Thu, 07 Jan 2021 04:11 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 07 Jan 2021 04:11 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand news : youth getting employment from home stay plan
पलायन रोकने और स्वरोजगार व पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम स्टे योजना संचालित - फोटो : अमर उजाला (File Photo)

पलायन रोकने और स्वरोजगार व पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम स्टे योजना संचालित की गई है। पर्यटन विभाग की ओर से दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। 

विज्ञापन


जोशीमठ के सुनील गांव निवासी नितिन सेमवाल पिछले दो सालों से होम स्टे का संचालन कर रहे हैं। वे कहते हैं कि एक वर्ष में होम स्टे से करीब पचास हजार तक कमा लेते हैं। पर्यटक होम स्टे में रहना पसंद कर रहे हैं और पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद लेते हैं। कहा कि होम स्टे के लिए बैंक ऋण आवेदन की औपचारिकता का सरलीकरण किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


चमोली के रौली गांव निवासी धर्मवीर घरिया लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र में होटल की नौकरी छोड़कर घर आया। उसने पर्यटन विभाग से संपर्क किया और होम स्टे का संचालन शुरू किया। धर्मवीर यात्रा डॉट कॉम, बुकिंग डॉट कॉम के साथ ही पर्यटन विभाग की वेबसाइड के जरिए पर्यटकों को अपने होम स्टे में ठहरने के लिए आमंत्रित करता है। यहां वर्षभर देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


देहरादून : 500 होम स्टे चालू, लगातार आ रहे हैं ऑनलाइन आवेदन

देहरादून जनपद में करीब 500 होमस्टे चल रहे हैं। इसमें सबसे अधिक मसूरी, चकराता ब्लॉक, देहरादून और ऋषिकेश में हैं। जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान के अनुसार योजना युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में कारगर साबित हो रही है। कागजात पूरे होने पर 10 से 15 दिन में पंजीकरण हो जा रहा है। 

धर्मनगरी में दम तोड़ रही योजना

हरिद्वार जिले में होम स्टे योजना में अभी तक महज 21 पंजीकरण कराए गए हैं। जिला पर्यटन विकास अधिकारी सीमा नौटियाल के मुताबिक लोगों में अभी उतना रुझान नहीं है, जबकि विभाग की ओर से लगातार गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। लोगों को होम स्टे योजना का लाभ दिलाने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगे।

चमोली में 381 होम स्टे संचालकों में अधिकांश युवा

जिले में होम स्टे योजना खूब फल फूल रही है। पर्यटक भी बड़े होटलों के बजाय होम स्टे का रुख कर रहे हैं। पर्यटक होम स्टे संचालकों से पहाड़ी व्यंजन दाल का चैंसा, गहत की दाल, मंडुवे की रोटी, झांझ की डिमांड भी कर रहे हैं।

जिले में मौजूदा समय में 381 होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जबकि जिला आठ आवेदनों को जिला पर्यटन विभाग की स्वीकृति का इंतजार है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजेंद्र पांडे के अनुसार 13 लोगों को होम स्टे के लिए बैंक से ऋण उपलब्ध कराया गया है। कैंप और बहुउद्देश्यीय शिविरों के माध्यम से लोगों को होम स्टे संचालन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 

पौड़ी : योजना से उत्साहित हैं ग्रामीण

जनपद पौड़ी के विकास खंड मुख्यालय खिर्सू में जिला प्रशासन ने पर्यटन से स्वरोजगार विकसित किए जाने व पहाड़ की पौराणिक शैली को संरक्षित किए जाने के लिए होम स्टे बासा बनाया गया है। बासा की संकल्पना को विस्तार देने के लिए खिर्सू में बासा टू भी लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी योजना को लेकर खूब उत्साह देखा जा रहा है।

जिले में अपने घरों को होम स्टे बनाए जाने को लेकर 108 घरों का पंजीकरण हो चुका है। पर्यटन विभाग को होम स्टे योजना में ऋण के लिए 31 आवेदन मिले थे। जिनमें से 29 को स्वीकृति मिल चुकी है। दो अस्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत आवेदनों में 8 को ऋण राशि भी मिल चुकी है। जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि होम स्टे योजना को लेकर जिले के ग्रामीणों में खास तौर पर उत्साह देखा जा रहा है।

110 होम स्टे, कोरोना से नहीं उभर पाया कारोबार

कोटद्वार में यमकेश्वर ब्लाक के अमोला में होम स्टे संचालित कर रहे विजय अमोली का कहना है कि उन्होंने एक साल पहले ही होम स्टे योजना शुरू की। इस दौरान विभिन्न राज्यों के 25 पर्यटक उनके होम स्टे में ठहरे। पर्यटकों के लिए अमोला से मैदान तक 9 किमी. ट्रेकिंग रूट बनाया गया है।

करीब 4 किमी. की चढ़ाई पर स्थित भृगु पर्वत से लोग कांडी समेत यमकेश्वर के अन्य स्थलों को आनंद लेने पहुंच रहे हैं। होम स्टे में बच्चों के लिए तीरंदाजी, बास्केटबॉल, कैंप फायर आदि की सुविधाएं जुटाई गई हैं और पहाड़ी व्यंजन भी पर्यटकों को खूब भा रहे हैं।

गूमखाल में होम स्टे संचालित कर रहे सतेंद्र रौतेला ने बताया कि वे विगत पांच वर्षों से होम स्टे का संचालन कर रहे हैं। शुरुआत में होम स्टे का रिस्पांस अच्छा मिला, लेकिन पिछले दो सालों से इसमें ठहराव आ गया है।

उनका कहना है कि सरकार की ओर से होम स्टे का प्रचार प्रसार तो किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर बैकग्राउंड तैयार नहीं किया गया है। सैन्यनगरी होने के कारण लैंसडौन में सेना की बंदिशें भी बड़ी वजह है। टिफिन टॉप, भुल्लाताल, म्यूजियम, भीम पकोड़ा आदि पर्यटक स्थल में पर्यटकों से पार्किंग के नाम पर ही भारी भरकम शुल्क वसूला जा रहा है। 
 

टिहरी झील क्षेत्र में फलफूल रही योजना

झील के सटे तिवाड़ गांव में होम स्टे का व्यवसाव खूब फलफूल रहा है। गांव में अब तक बने 28 होम स्टे नए साल पर फुल रहे। पर्यटन विभाग को जिले काणाताल, धनोल्टी और व्यासी क्षेत्र में भी आवेदन मिले हैं। पर्यटन अधिकारी एसएस यादव ने बताया कि इस साल विभाग को कुल 30 आवेदन मिले हैं। उनमें से 28 आवेदकों को अनुदान पर ऋण दिया गया है। अन्य कई आवेदकों की सेवा सर्तें पूरी नहीं मिलने पर उन्हें सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।

आर्थिकी का जरिया बने 152 होम स्टे

रुद्रप्रयाग जनपद में 152 होम स्टे संचालित हो रहे हैं,  जिसमें मक्कूमठ, सारी, चौमासी, गौंडार, रांसी, किमाणा, उषाड़ा आदि गांवों में इनकी संख्या काफी है। इससे कई परिवारों की आर्थिकी को बल मिल रहा है। 13 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जो ऋण प्रक्रिया के तहत लंबित हैं। तुंगनाथ घाटी, मद्महेश्वर घाटी, कालीमठ घाटी में स्थानीय लोगों के द्वारा होम स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है।

खास बात यह है कि होम स्टे में बीते कुछ समय से विदेशों से भी काफी पर्यटक पहुंच रहे हैं, जो पहाड़ी भोजन व रहन-सहन को काफी पसंद भी कर रहे हैं। ऊखीमठ के किमाणा गांव में होम स्टे का संचालन कर रहे डा. कैलाश पुष्पवाण का कहना है कि बीते वर्ष तक जर्मनी, अमेरिका, हालैंड आदि देशों से 60 से अधिक पर्यटक उनके होम स्टे में ठहरे थे। मक्कू में होम स्टे संचालक यशपाल सिंह नेगी ने बताया कि वे यहां आने वाले पर्यटकों को पहाड़ी भोजन व रहन-सहन खूब भा रहा है। 

आजीविका का आधार बनी योजना

उत्तरकाशी में वर्षभर पर्यटकों की आवाजाही वाले सीमांत जनपद उत्तरकाशी में होम स्टे योजना लोगों को खूब भा रही है। जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री ने बताया कि जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 67 होम स्टे शुरू हुए हैं। दस आवेदन अभी लंबित हैं। वर्तमान में जिले में कुल 311 होम स्टे चल रहे हैं। जिनमें से 299 ग्रामीण क्षेत्रों में और 12 शहर में हैं। जिले सबसे ज्यादा 92 होम स्टे मोरी विकासखंड में हैं।

जबकि भटवाड़ी में 85 होम स्टे चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि होम स्टे में उत्तरकाशी जनपद देहरादून और चमोली के बाद तीसरे स्थान पर है। सांकरी, अगोड़ा, हर्षिल क्षेत्र में होम स्टे संचालित कर रहे लोग पर्यटन के जरिए अच्छी आमदनी कर रहे हैं।डोडीताल के प्रमुख पड़ाव अगोड़ा गांव में बीते सात सालों से होम स्टे संचालित कर रहे राजेश पंवार बताते हैं कि उन्हें वर्ष भर में करीब दो लाख रुपये की आमदनी हो जाती है। 

होम स्टे में आए पांचों आवेदन निरस्त

ऊधम सिंह नगर जिले में पर्यटन की संभावनाओं के कम होने के चलते होम स्टे योजना परवान नहीं चढ़ रही है।  वर्ष 2019 में सिर्फ एक आवेदनकर्ता को ही योजना का लाभ मिला है। सहायक पर्यटन अधिकारी बीसी त्रिवेदी ने बताया कि दीनदयाल गृह आवास योजना में वर्ष 2020 में आए पांचों आवेदन मानक अनुरूप नहीं पाए जाने पर जिला स्तरीय समिति की ओर से निरस्त कर दिए गए। 

85 लोगों ने कराए पंजीकरण, कर्ज मिला 6 को

चंपावत जिले में होम स्टे योजना कामयाबी से दूर है। पर्यटन विभाग की इस योजना में 2020-21 में जिले में कुल 85 लोगों ने पंजीकरण कराया है। लेकिन योजना की स्वीकृति सिर्फ छह लोगों की ही हुई है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट ने बताया कि इन छह लोगों को नए निर्माण और दुबारा निर्माण के लिए 134.24 लाख रुपये का कर्ज दिया गया है।

नैनीताल जिले में पंजीकृत हैं 350 होम स्टे

जिले में वर्तमान 350 होम स्टे पंजीकृत हैं। पर्यटन विभाग को साल 2020 में 30 आवेदन मिले थे, जिनमें आठ को हरी झंडी मिल चुकी है। ये मझेड़ा, भीमताल, कुलगांड, सुयालबाड़ी, नगारीगांव, मुक्तेश्वर, गहना, ज्योलीकोट और पंगूट में हैं। इनके अलावा 20 आवेदन पत्र ऋण स्वीकृति के लिए बैंकों में प्रस्तावित हैं, जबकि जबकि दो आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं।

बिना रजिस्ट्रेशन भी चल रहे होम स्टे

भीमताल में एक तरफ सरकार होम स्टे योजना के तहत लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ  नैनीताल, भीमताल, भवाली, मुक्तेश्वर, रामगढ़, धानाचूली, नौकुचियाताल में कई लोग अपने आवासों और कॉटेजों में बिना पंजीकरण के अवैध रूप से होम स्टे संचालित कर रहे हैं, जिससे पंजीकृत होम स्टे संचालक परेशान हैं। भीमताल के होम स्टे संचालक प्रदीप पाठक और सरगाखेत, मुक्तेश्वर के दिलावर सिंह बिष्ट का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ  कार्रवाई होनी चाहिए।

पांच फीसदी रह गया कारोबार

पिथौरागढ़ जिले में 403 होम स्टे पंजीकृत हैं। मुनस्यारी के बुग्याल ईस्ट इंड रूम्स होम स्टे के संचालक वीरेंद्र सिंह बृजवाल (बीरू) ने बताया कि अनलॉक के बाद होम स्टे से जुड़े लोगों का कारोबार पांच फीसदी रह गया है, जबकि पिछले वर्ष 96 फीसदी कारोबार हुआ था।

कोरोना के कारण चौकोड़ी, मुनस्यारी, धारचूला सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में होम स्टे संचालकों को इस बार निराश होना पड़ा। जिला पर्यटन अधिकारी अमित लोहनी ने बताया कि जिले में पिछले एक साल में 25 लोगों ने होम स्टे के लिए आवेदन किया है। इनमें से 16 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। चार आवेदन पर कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। 

अल्मोड़ा : अनलॉक में पकड़ी रफ्तार
लॉकडाउन में सुस्त पड़ा पर्यटन अनलॉक में गति पकड़ गया है। वहीं होम स्टे योजना भी परवान चढ़ने लगी है। जिले में वर्तमान में 174 होम स्टे पंजीकृत हैं। इस वित्तीय वर्ष में होम स्टे के लिए 30 आवेदन आए, जिनमें सात लोगों को कर्ज मिला।

जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि पिछले साल जिले में अन्य सालों की अपेक्षा 50 फीसदी ही कार्य हुआ है, जिससे होम स्टे स्वामियों की आय काफी प्रभावित हुई है। पहले मार्च से पूर्व साल भर में 10 प्रतिशत ही कार्य हुए। अन्य 40 फीसदी काम अनलॉक की प्रक्रिया के बाद हुए। 

बागेश्वर : 93 होम स्टे पंजीकृत, पर कोरोना ने फेरा पानी
बागेश्वर में इस साल 37 लोगों ने होम स्टे पंजीकृत कराए हैं। 56 होम स्टे पहले से संचालित हैं। इस प्रकार जिले में अब 93 होम स्टे हो गए हैं। हालांकि कोरोना के कारण होम स्टे का कारोबार ठप पड़ा है। नए होम स्टे संचालकों को अब तक एक भी बुकिंग नहीं मिली है। गरुड़ के चौरसौं में होम स्टे का संचालन कराने वाले चंद्रशेखर पांडेय ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से होम स्टे में सैलानी नहीं आए हैं। सैलानियों की संख्या बढ़ने के बाद ही होम स्टे संचालकों को राहत मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed