फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news: Vice Chancellor refused to give responsibility to Mrityunjay Mishra

उत्तराखंड: मृत्युंजय मिश्रा को जिम्मेदारी देने से कुलपति ने किया इनकार, कहा- फैसले पर पुनर्विचार करे सरकार

Thu, 30 Dec 2021 04:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 30 Dec 2021 04:21 PM IST
सार

मृत्युंजय मिश्रा को शासन ने सवेतन बहाल कर दिया था। उन्हें तत्काल ज्वाइन करने के आदेश किए गए थे, जिसके बाद उन्होंने शासन में ही ज्वाइन कर लिया था।

विज्ञापन
uttarakhand news: Vice Chancellor refused to give responsibility to Mrityunjay Mishra
आयुर्वेद विवि - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

एक दिन पहले बहाल और शासन में ज्वाइन करने वाले कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय मिश्रा बुधवार को आयुर्वेद विवि पहुंचे, लेकिन उन्हें कुलपति ने जिम्मेदारी देने से इनकार कर दिया। कुलपति प्रो. सुनील जोशी ने शासन के आयुष विभाग को इस निर्णय पर पुनर्विचार करने को लेकर पत्र भेजा है। हालांकि मृत्युंजय मिश्रा का कहना है कि उन्होंने कामकाज शुरू कर दिया है। उधर, मिश्रा की बहाली पर राजनीतिक पारा भी गरम हो गया है।

विज्ञापन


मंगलवार को मृत्युंजय मिश्रा को शासन ने सवेतन बहाल कर दिया था। उन्हें तत्काल ज्वाइन करने के आदेश किए गए थे, जिसके बाद उन्होंने शासन में ही ज्वाइन कर लिया था। बुधवार को मिश्रा कामकाज शुरू करने के लिए आयुर्वेद विवि पहुंचे। इस पर कुलपति डॉ. सुनील जोशी ने विरोध जताया। मिश्रा ने शासन के आदेशों का हवाला देते हुए अपना कामकाज शुरू कर दिया। इस बीच कुलपति डॉ. जोशी ने शासन को मिश्रा की बहाली और विवि में तैनाती को लेकर पुनर्विचार संबंधी पत्र भेजा है।
विज्ञापन


कुलपति ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ इतने मामले दर्ज हैं, वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब शासन से जो भी निर्देश मिलेंगे, उनका अनुपालन किया जाएगा। दूसरी ओर, कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा का कहना है कि विवि अधिनियम की धारा-16 के तहत कुलसचिव की तैनाती का अधिकार शासन का है। लिहाजा, शासन के आदेश पर उन्होंने ज्वाइन किया है। आगे भी वह शासन के आदेशों का ही अनुपालन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी ओर, विजिलेंस जांच के शिकंजे में फंसे मृत्युंजय मिश्रा की अचानक बहाली पर राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। भाजपा में अंदरखाने विरोध के सुर उठने लगे तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि वह पूरे मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत करेंगे। कहा जा रहा है कि जिस सरकार के शासन में मिश्रा की गिरफ्तारी हुई, उसी भाजपा सरकार में बहाली होने पर विरोध हो रहा है।

मृत्युंजय मिश्रा का निलंबन बहाल होने से भाजपा असहज
विजिलेंस जांच का सामना कर रहे मृत्युंजय मिश्रा का निलंबन बहाली से भाजपा असहज है। मिश्रा पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद से हटा दिया गया था। निलंबन बहाली के बाद उनकी कुलसचिव पद पर वापसी कर दी गई है। अपनी सरकार का यह फैसला सत्तारूढ़ भाजपा को नहीं सुहा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि वह इस बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात करेंगे।


भाजपा के भीतर शासन के फैसले को लेकर खासी नाराजगी देखी गई। पार्टी के लोग विधानसभा चुनाव से पहले मिश्रा की बहाली के फैसले को राजनीतिक और चुनावी रणनीति के लिहाज से अनुकूल नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि इससे चुनाव में पार्टी की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल खड़े होंगे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने फैसले पर हैरानी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात करेंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मृत्युंजय मिश्रा के निलंबन की बहाली के संबंध में कहा कि वह इस बारे में मुख्यमंत्री धामी से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि देखा जाएगा कि आखिर किन परिस्थितियों में सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed