उत्तराखंड: भू-कानून सहित कई मांगों के लिए आज सड़कों पर उतरे राज्य आंदोलनकारी, पुलिस से हुई नोंक-झोंक
शनिवार को आयोजित बैठक में वक्ताओं ने सभी आंदोलनकारियों से मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए पहुंचने का आह्वान किया था।
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10 फीसद क्षैतिज आरक्षण के साथ अपनी अन्य मांगों को लेकर आज रविवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच में धक्का-मुक्की और नोंक-झोंक भी हुई।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की। इससे पहले आंदोलनकारियों ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से भी मुलाकात की। राज्य आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। जिसके बाद पुलिस आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये हैं मांग:
- 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण दें
- भू कानून बनाया जाए
- गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाएं
- मुजफ्फरनगर और खटीमा मसूरी गोली कांड के दोषियों को सजा दी जाए
- राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन का शासनादेश जारी किया जाए
दिलाराम चौक के सामने एकत्र हुए प्रदर्शनकारी
शनिवार को आयोजित बैठक में वक्ताओं ने सभी आंदोलनकारियों से मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए पहुंचने का आह्वान किया था। जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संगठन के बैनर तले दिलाराम चौक के सामने एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच किया। उन्होंने कहा कि अब आंदोलनकारी अपने हक के लिए सड़कों पर ही उतरेंगे।
वहीं आंदोलनकारियों ने मसूरी की पेयजल योजना का पानी देहरादून किसी भी सूरत में नहीं जाने के लिए संघर्ष चेतावनी दी है। इससे पहले राज्य आंदोलनकारियों ने मंगलवार को बैठक कर यमुना मसूरी पेयजल योजना का पानी देहरादून नहीं ले जाने देने का प्रस्ताव पारित किया था।
बैठक के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन में मसूरी में शहीद स्थल पर छत का निर्माण, वन विभाग एवं सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से मसूरी वन क्षेत्र का सर्वे तत्काल पूरा कराने, सेंट मैरी अस्पताल को तत्काल खोलने आदि की मांग की गई थी।
राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून सहित तमाम मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जा रहा है। बैठक में प्रदीप भंडारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, जय प्रकाश उत्तराखंडी, पूरण जुयाल, कमल भंडारी, केदार सिंह चौहान, श्याम सिंह चौहान, गिरीश प्रसाद सकलानी, जगदीश सिंह, ऐजाज अंसारी, बिल्लू वाल्मीकि, श्रीपति कंडारी, संजय गोस्वामी आदि मौजूद रहे।