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उत्तराखंड: शिक्षा विभाग का अजब हाल, कहीं छह बच्चों पर तीन शिक्षक तो कहीं 55 पर एक
Sun, 24 Oct 2021 02:38 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 24 Oct 2021 02:38 PM IST
सार
शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब-गजब हैं। कुछ स्कूलों में छह बच्चों पर तीन शिक्षक तो कहीं 55 पर एक शिक्षक तैनात है।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
यह हाल तब है। जबकि शासन ने स्कूलों में मानक से अधिक कार्यरत शिक्षकों का समान श्रेणी के स्कूलों में खाली पदों पर समायोजन का आदेश दिया है। इसके बावजूद सरप्लस शिक्षकों को समायोजित नहीं किया जा सका है। शिक्षा निदेशक आरके उनियाल ने कहा कि राज्य में जहां कहीं भी मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं उन्हें हटाया जाएगा।
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प्राथमिक विद्यालय कोटी में 27 छात्रों पर चार शिक्षक
देहरादून जिले के डोईवाला ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय कालबन में छह छात्रों पर तीन शिक्षक तैनात हैं। इसी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर में दस छात्रों पर तीन और सिल्लाचौकी में 12 छात्रों पर तीन शिक्षक हैं। जबकि कालसी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बाडो में सात छात्रों पर तीन शिक्षक, इसी ब्लॉक के मंडोली में आठ छात्रों पर तीन, प्राथमिक विद्यालय कोटी में 27 छात्रों पर चार शिक्षक हैं।
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इसके अलावा रायपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तंगोलीगढ़ में 12 छात्रों पर तीन शिक्षक हैं। वहीं सहसपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भूड में 55 छात्रों पर एक शिक्षिका कार्यरत हैं। यही हाल कुछ अन्य स्कूलों का है। प्रदेश में कई स्कूल एकल शिक्षकों के भरोसे हैं। जबकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत एक से 60 बच्चों पर दो शिक्षक एवं 60 से 90 पर तीन शिक्षकों की तैनाती का मानक है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौहान के मुताबिक हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जिले में मानक के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती नहीं है। पिछले तीन साल से तबादला सत्र शून्य घोषित होने से आम शिक्षकों के तबादले नहीं हो पा रहे हैं। जबकि धारा 27 के तहत हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जिले में अंतरजनपदीय जिलों से शिक्षकों की तैनाती से यह स्थिति बनी है।
प्रदेश के जिन जिलों में मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। उन शिक्षकों को संबंधित स्कूलों से हटाया जाएगा। अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। देहरादून जिले में कुछ शिक्षकों की इसी आधार पर दूसरे स्कूलों में तैनाती की गई है।
- आरके उनियाल, निदेशक बेसिक शिक्षा