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उत्तराखंड : चीन सीमा से जोड़ने वाले चार पुलों का रक्षामंत्री ने किया लोकार्पण, मुख्यमंत्री ने कहा - सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण
Mon, 28 Jun 2021 12:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 28 Jun 2021 12:26 PM IST
सार
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ये पुल चीन सीमा तक सेना की पहुंच आसान करेंगे, साथ ही सीमांत के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी।
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर नवनिर्मित चार पुलों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सोमवार को लोकार्पण किया। इनमें एक स्पान पुल, जबकि तीन बैली ब्रिज शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी ऑनलाइन जुड़े।
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दूरस्थ क्षेत्रों में पुल निर्माण सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण
तीरथ सिंह रावत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से किए गए लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअल हिस्सा लेने के बाद कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में पुल निर्माण सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। बीआरओ ने दुर्गम क्षेत्रों में दिन रात ठंड और बर्फवारी में भी काम कर छह पुलों का निर्माण किया।
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यह बहुत साहसिक और सराहनीय कार्य है। इन पुलों के निर्मण से क्षेत्रीय जनता के साथ ही सैन्य गतिविधियों को सुविधा मिलेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लद्दाख से देश में बीआरओ द्वारा निर्मित 75 पुल और सड़कों का वर्चुअल लोकार्पण कर देश को समर्पित किया। इनमें राज्य के छह पुल शामिल है।
पुल चीन सीमा तक सेना की पहुंच आसान करेंगे
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ये पुल चीन सीमा तक सेना की पहुंच आसान करेंगे, साथ ही सीमांत के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। बीआरओ के हीरक परियोजना के चीफ इंजीनियर एमएनवी प्रसाद ने बताया कि पुलों का जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर किया गया है।
जौनालीगाड़ में 6.5 करोड़ की लागत से 70 मीटर लंबे स्पान पुल का निर्माण
तवाघाट-घटियाबगड़ मार्ग पर जुंतीगाड़ में 140 फीट ट्रिपल सिंगल रीइंसफोर्स्ड बैली ब्रिज, जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर किरकुटिया नाला पर 180 फीट डबल-डबल रीइंसफोर्स्ड बैल ब्रिज और मुनस्यारी-बोगडियार-मिलम मोटर मार्ग पर लास्पा नाले पर 140 फीट डबल-डबल रीइंसफोर्स्ड बैली ब्रिज का निर्माण किया गया है।
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लास्पा नाले में बना बेली ब्रिज उच्च हिमालयी क्षेत्र में
इन पुलों का ऑनलाइन शुभारंभ सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। लास्पा नाले में बना बेली ब्रिज उच्च हिमालयी क्षेत्र में है। जौलजीबी-मुनस्यारी-मिलम और तवाघाट-घट्टाबगड़ सड़कें सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
स्थानीय नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और पर्यटन गतिविधियों भी बढ़ेंगी
इन पुलों के निर्माण से चीन सीमा तक भारत की पहुंच और अधिक मजबूत होगी। प्रवास पर जाने वाले धारचूला और मुनस्यारी के स्थानीय नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और पर्यटन गतिविधियों भी बढ़ेंगी।