उत्तराखंड: पत्नी और बेटी समेत सीएम त्रिवेंद्र कोरोना संक्रमित, बड़ी संख्या में संपर्क में आए हैं नेता और अफसर
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उनकी पत्नी और बड़ी पुत्री कोरोना संक्रमण की जद में आ गए हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर पहले खुद के कोरोना संक्रमित हो जाने की जानकारी साझा की। देर शाम उनकी पत्नी और पुत्री की आरटीपीसआर रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई। मुख्यमंत्री ने इसकी पुष्टि की है। मुख्यमंत्री परिवार सहित मुख्यमंत्री आवास मे आइसोलेट हो गए हैं। कोविड गाइडलाइन के अनुसार वे अगले कई दिनों तक चिकित्सकों की निगरानी में आइसोलेशन में रहेंगे।
कोरोना जांच पॉजिटिव आने के बाद उनके सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। अब वह 21 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में भी शामिल नहीं हो पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास पर अन्य स्टाफ और सुरक्षा दल में शामिल लोगों के भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री आवास पर रसोई में कार्य करने वाले एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मुख्यमंत्री ने कोविड जांच कराई थी।
जैसे ही उन्हें खुद के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिली, उन्होंने सोशल मीडिया पर इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्हें ट्वीट किया कि ‘आज मैंने कोरोना टेस्ट करवाया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है। कोई लक्षण भी नहीं है। डाक्टरों की सलाह पर मैं होम आइसोलेशन में रहूंगा।
मेरा सभी से अनुरोध है कि जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, कृपया स्वयं को आईसोलेट कर जांच करवाएं।’ बता दें कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने से पहले मुख्यमंत्री एक बैठक कर चुके थे। बाद में उन्होंने अपनी विधानसभा डोईवाला में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम स्थगित कर दिया। शाम को उन्हें जम्मू कश्मीर राज्य से प्रशिक्षण व अध्ययन भ्रमण पर आए जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम में जाना था। उनके स्थान पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने उसमें शिरकत की।
बड़ी संख्या में संपर्क में आए हैं नेता और अफसर
पिछले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री के संपर्क में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी व नेता आए हैं। हालांकि सीएम आवास और सीएम सचिवालय में कोविड 19 महामारी की रोकथाम को लेकर बने प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन हो रहा है। लेकिन फिर भी कई अधिकारी व कर्मचारी मुख्यमंत्री की बैठकों में शामिल हुए हैं।
मुख्य सचिव व सचिव से लेकर कई अधिकारी संपर्क में
पिछले तीन चार दिनों के दौरान मुख्यमंत्री की बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश व अपर मुख्य सचिव, सचिव स्तर के कई अधिकारी शामिल हुए थे। शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री ने कोविड महामारी की रोकथाम को लेकर समीक्षा बैठक की थी। जिसमें मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एसक मुरुगेशन, युगल किशोर पंत, डीआईजी रिद्दिमम अगर्वाल समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हुए थे।
14 दिन रह सकती है नो एंट्री
कोविड प्रोटोकाल के तहत 14 दिन का आइसोलेशन होता है। इस हिसाब से अब मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले आगंतुकों की नो एंट्री रहेगी। बीच में यदि दोबारा कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो बात अलग है।
28 को पीएम से होनी थी मुलाकात
मुख्यमंत्री को 28 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करनी थी, जिसे कोविड संक्रमण के कारण टालना पड़ा है। बकौल मुख्यमंत्री, उन्होंने 26 व 27 को अल्मोड़ा का कार्यक्रम बनाया था। 27 को उन्हें अल्मोड़ा से दिल्ली जाना था। 28 को वहां प्रधानमंत्री से मुलाकात थी। उसी दिन रक्षा मंत्री, परिवहन, वन एवं पर्यावरण, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिकता मंत्री समेत कई अन्य मंत्रियों से मुलाकात करनी थी। अब ये सारे कार्यक्रम दौरे नये साल में होंगे
राज्यपाल व स्पीकर ने की स्वस्थ होने की कामना
राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा, मैं बाबा बदरी केदार से आपके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करती हूं। मेरी प्रभु से कामना है कि आप शीघ्र स्वस्थ होकर पुन: जनसेवा के कार्यों में जुट जाएं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी मुख्यमंत्री के कुशल क्षेम की कामना की।
कोविड डेथ रोकें, हायर सेंटर रेफर करने में न हो कोताही
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना से हो रहीं मौतों को रोकने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड रोगी को हायर सेंटर रेफर करने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कोरोना लक्षण वालों का शत प्रतिशत आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के निर्देश दिए।
कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि सैंपल लेने के बाद शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे के अंदर और पर्वतीय क्षेत्रों में 48 घंटे के अंदर लोगों को कोविड की रिपोर्ट मिल जाए। कहा कि यदि कोई टेस्ट कराने से मना करता है तो उसके साथ बेहद सख्ती से निपटा जाए। मुख्यमंत्री ने कोविड वैक्सीन को लेकर सभी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए। कहा कि स्कूलों के बजाय अस्पतालों और उसके आसपास के क्षेत्रों में ही वैक्सीनेशन सेंटर स्थापित किए जाएं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को अपने आवास में मंडलायुक्तों व सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड 19 के बचाव से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कोविड वैक्सीनेशन की सभी आवश्यक तैयारियां समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने इसके लिए प्राथमिकताएं निर्धारित करते हुए वैक्सीनेशन सेंटरों के चिह्निकरण एवं आवश्यक उपकरणों के साथ ही मैन पॉवर की उपलब्धता का पूरा प्लान समय पर तैयार करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रदेश में सरकारी एवं निजी लैब में प्रतिदिन हो रहे टेस्टों एवं उनकी क्षमता आदि का पूरा विवरण उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रभारी सचिव एसए मुरूगेशन, युगल किशोर पंत, डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल सहित वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आयुक्त कुमाऊं अरविंद ह्यांकी, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन एवं सभी जिलाधिकारी जुड़े थे।
मौतों के कारणों का विश्लेषण हो
सीएम ने कहा कि कोविड के कारण हो रहीं मौतों के कारणों का विश्लेषण किया जाए। पता लगाया जाए कि मौतें किसी अन्य रोग से ग्रसित होने, देरी से अस्पताल में पहुंचने या अन्य किस कारण से हो रही हैं। किसी भी कोविड मरीज को हायर सेंटर रेफर किया जाना है, रिकवरी रेट बढ़ाने के लिए और प्रयासों की जरूरत है।
टोल फ्री नंबर पर कॉल करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को जागरूक किया जाए कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर कोविड कंट्रोल रूम एवं टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। जो लोग होम आईसोलेशन में हैं, उनके नियमित स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विजिट किया जाए। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आती है, तब तक पूरी सर्तकता बरती जाए।
जनवरी से पहले हो जाए वैक्सीन को लेकर तैयारी
बैठक में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तकनीकी कार्मिकों व वैक्सीन सेंटर की कार्ययोजना इस तरह से तैयार कर लें कि जनवरी के पहले हफ्ते में यदि वैक्सीन उपलब्ध होती है तो निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्रवाई हो सके।