जन आशीर्वाद यात्रा: केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट का उत्तराखंड पहुंचने पर हुआ जगह-जगह स्वागत, किसानों ने दिखाए काले झंडे
सोमवार को भाजपा पूर्वी मंडल की ओर से सैनिक अस्पताल के बाहर फूलों की वर्षा कर राज्यमंत्री अजय भट्ट का स्वागत किया गया।
विस्तार
केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट की जन आशीर्वाद यात्रा का नारसन बॉर्डर से लेकर मंगलौर, रुड़की और भगवानपुर तक भाजपाइयों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान भट्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर उत्तराखंड को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। भाजपा कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी में लग जाना चाहिए ताकि राज्य में फिर से पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बने।
सोमवार को भाजपा पूर्वी मंडल की ओर से सैनिक अस्पताल के बाहर फूलों की वर्षा कर राज्यमंत्री अजय भट्ट का स्वागत किया गया। विधायक प्रदीप बत्रा, मंडल अध्यक्ष अभिषेक चंद्रा, जिला महामंत्री आदेश सैनी, पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन आदि ने फूल बरसाए। इसके बाद गणेशपुर पुल स्थित शहीद दुर्गा मल्ल पार्क में गोरखा समाज कल्याण समिति ने उनका स्वागत किया। यहां राज्यमंत्री अजय भट्ट, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने शहीद दुर्गा मल्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस दौरान गोरखा समाज के अध्यक्ष जसवंत सिंह थापा, उज्ज्वल थापा, राजेंद्र गुरुंग, पूर्व अध्यक्ष बुद्धि सिंह राणा, ललित प्रधान, हरि बहादुर गुरुंग, जितेंद्र गुरुंग मौजूद रहे। मालवीय चौक पर भाजपा पश्चिमी मंडल की ओर से यात्रा का स्वागत कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी से किया। इस मौके पर मेयर गौरव गोयल, ओबीसी आयोग की अध्यक्ष कल्पना सैनी, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, प्रदेश प्रवक्ता मयंक गुप्ता, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सिंधु, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप चौधरी, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री धीर सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील त्यागी, पूर्व दर्जाधारी शोभाराम प्रजापति, यात्रा सह संयोजक अमन त्यागी आदि मौजूद रहे।
इससे पूर्व नारसन बॉर्डर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, पूर्व दर्जाधारी गौरव चौधरी, झबरेड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, कुलदीप भारद्वाज, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा आदि ने केंद्रीय राज्यमंत्री का स्वगात किया। इसके बाद मंडावली, देवबंदी तिराहा और मंगलौर में भी उनका स्वागत हुआ। मंडावली में भाजपा नेता दिनेश पंवार के नेतृत्व में, मंगलौर में मंडल अध्यक्ष अंकित कपूर के नेतृत्व में, देवबंद तिराहे पर झबरेड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष मानवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस मौके पर मास्टर नागेंद्र कुमार, मंडी समिति अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, जमीर हसन अंसारी, शोभित गुप्ता, सचिन गुज्जर, प्रभात चौधरी, सोनू धीमान, अरुण चौधरी, ऋषिपाल बालियान आदि मौजूद रहे।
कोविड नियमों की उड़ाईं धज्जियां
जन आशीर्वाद यात्रा में भाजपाइयों ने कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं। नारसन बॉर्डर पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट का स्वागत किया, लेकिन इस दौरान मंत्री को छोड़कर अधिकांश बड़े नेताओं ने ही नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं ने भी कोविड नियमों का जमकर उल्लंघन किया। ज्यादातर लोग बिना मास्क के नजर आए। कइयों ने मास्क दिखावे के लिए लगाया था। शारीरिक दूरी तो दूर-दूर तक नजर नहीं आई।
पोस्टर लगाने पर उलझे भाजपाई और किसान नेता
फुटओवर ब्रिज पर शनिवार देर रात पोस्टर लगाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता और भाजपा के नेताओं में बहस शुरू हो गई। दरअसल, ब्रिज पर कांग्रेस का एक बैनर लगा था। आरोप है कि इसे उखाड़कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपना बैनर लगा दिया। उखाड़ा गया बैनर सर्विस रोड़ पर फेंक दिया गया। इस दौरान भाकियू (टिकैत) के गढ़वाल मंडल महामंत्री अरविंद राठी और मनोज राठी वहां से गुजर रहे थे। अरविंद राठी का कहना है कि नभाजपा नेता ऋषिपाल बालियान, योगेश चौधरी और मंगलौर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सोनू धीमान फुटओवर ब्रिज पर लगे बैनर को उखाड़कर अपना बैनर लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि फुटओवर ब्रिज पर काफी जगह है। इस तरह किसी और का बैनर उखाड़कर अपना लगाना ठीक नहीं है। आरोप है कि इसे लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। हालांकि, बताया जा रहा है कि भाजपा का बैनर भी उखाड़ दिया गया था।
किसानों ने दिखाए काले झंडे
केंद्रीय राज्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उत्तराखंड पहुंचे अजय भट्ट की जन आशीर्वाद यात्रा का एक ओर जहां नारसन बॉर्डर से लेकर मंगलौर और रुड़की में जोरदार स्वागत हुआ तो वहीं किसानों का भारी विरोध भी झेलना पड़ा। किसानों ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाकर नाराजगी जताई और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। किसानों का विरोध रोकने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा की ओर से गुड़ मंडी में प्रस्तावित स्वागत कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। किसानों के भारी विरोध के कारण रूट बदलकर केंद्रीय राज्यमंत्री के काफिले को सुरक्षित मंगलौर पहुंचाया गया। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं, खुफिया विभाग भी सतर्क रहा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट सोमवार को नारसन बॉर्डर पहुंचे और यहां से जन आशीर्वाद यात्रा शुरू की। रास्ते में कई जगह भाजपाइयों ने उनका भव्य स्वागत किया, लेकिन गुड़ मंडी मंगलौर में उन्हें किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। संयुक्त मोर्चा ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गुड़ मंडी में केंद्रीय राज्यमंत्री का विरोध करने का निर्णय लिया था। इसके तहत भारी संख्या में क्षेत्र के किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर गुड़ मंडी पहुंचे और हाथों में काले झंडे लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री के विरोध में प्रदर्शन किया।
किसानों ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की। इस दौरान पुलिस ने किसानों को मनाने का भी प्रयास किया, लेकिन वे केंद्रीय राज्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने मंडी का गेट बंद कर दिया। इससे भड़के किसान मंडी की दीवारों पर चढ़ गए। इस बीच हाईवे से केंद्रीय राज्यमंत्री का काफिला गुजरा तो उन्हें काले झंडे दिखाकर अपना रोष प्रकट किया। प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत गुड़ मंडी को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया था ताकि किसान सड़क पर आकर केंद्रीय राज्यमंत्री का विरोध न कर पाएं।
भाकियू अंबावता के दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार
भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह सैनी के नेतृत्व में दर्जनों किसान केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट को काले झंडे दिखाने के लिए पीरपुरा के पास एक ढाबे पर एकत्रित हुए। यहां पुलिस ने सभी किसानों को गिरफ्तार कर लिया। भट्ट का का काफिला गुजरने के बाद पुलिस ने किसानों को रिहा किया। सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट को काले झंडे दिखाने के लिए भाकियू (अंबावता) के कार्यकर्ता पीरपुरा के पास एक ढाबे पर जुटे। यहां उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की। यूनियन के प्रदेश महासचिव जावेद अली ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। इसके बाद विकास यात्रा निकालने का प्रयास कर रही है, जो किसानों के लिए विनाश यात्रा साबित हो रही है। किसान किसी भी सूरत में भाजपा की कोई यात्रा नहीं निकलने देंगे। इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। केंद्रीय राज्यमंत्री का काफिला गुजरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता कुशल सैनी, कोषाध्यक्ष मुकेश पुंडीर, प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद प्रजापति, प्रदेश सचिव प्रवीण गुर्जर, नारसन ब्लॉक अध्यक्ष मोहन त्यागी सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।
एक सुर में बोले किसान, रद्द हों तीन कृषि कानून
केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट के पहुंचने से पहले किसानों ने गुड़ मंडी में पंचायत की। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस होने तक किसान चुप नहीं बैठेंगे। आगे भी भाजपा नेताओं का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। इससे आंदोलन को मजबूर होना पड़ रहा है। उत्तराखंड किसान मोर्चा के अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि कृषि कानून वापस होने तक किसान पीछे नहीं हटेंगे और संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन करते रहेंगे। सरकार किसानों को हल्के में लेने का प्रयास न करे, वरना आगामी चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। देश का किसान एकजुट है और सरकार की ईंट से ईंट बजाने के लिए तैयार है। मौके पर मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, रवि चौधरी, सुक्रमपाल सिंह, धर्मेंद्र कुमार, महकार सिंह, चमन लाल, राव तजम्मुल, मोहम्मद अजीम, अरशद, अरविंद राठी, कुलदीप सैनी, रामपाल सिंह, विवेक लोहान, अश्वनी प्रधान, अंकुर चौहान, धर्मवीर सिंह मौजूद थे।