मसूरी में धूल फांक रहे दो सौ साल पुराने इतिहास के दुर्लभ फोटोग्राफ और दस्तावेजों का बुरा हाल
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देश के इतिहास के साथ ही पहाड़ों की रानी मसूरी का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। शहर के दो सौ साल पुराने इतिहास से जुड़े दस्तावेज और दुर्लभ फोटोग्राफ के साथ ही लिथोग्राफ पेंटिग बक्सों में कैद हैं।
लंबे समय से इन दुर्लभ दस्तावेजों के लिए म्यूजियम बनाने की मांग होती रही, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। इससे शहर के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बक्सों में धूल फांक रहे हैं।
मसूरी शहर का इतिहास 1824 में कैप्टन यंग और बिट्रिश मिलिट्री अधिकारी शोर की खोज से माना जाता है। इसके बाद 1832 में जार्ज एवरेस्ट ने मसूरी के हाथी पांव में अपनी प्रयोगशाला स्थापित कर दुनिया की ऊंची चोटियों की खोज की।
इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने कहा कि उनके पास अंग्रेजों की गुलामी की दास्तां से लेकर आजाद भारत के राजनीतिक घटनाक्रम और देश के उन नेताओं की मसूरी में हुए गतिविधियों के साथ ही सिल्वटन मैदान में गांधीजी की प्रार्थना सभा, जवाहरलाल नेहरू से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम के फोटो, शहर में आये तत्कालीन राजाओं, महाराजाओं से जुड़े दस्तावेज और दुर्लभ फोटोग्राफ और लिथोग्राफ मौजूद हैं।
कई बार शासन प्रशासन से लगाई गुहार
इन दस्तावेजों के लिए एक म्यूजियम बनाने के लिए कई बार शासन प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने हाथ आगे नहीं बढ़या। पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी, डॉ. केके पाल सहित कई मंत्रियों, अधिकारियों को पत्र लिखे, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। लिहाजा महत्वपूर्ण दस्तावेज रखरखाव के अभाव में नष्ट हो रहे हैं। एलबीएस अकादमी सहित हर सरकारी कार्यक्रमों में इन फोटोग्राफ की प्रदर्शनी लगाई जाती है। नेता-अधिकारी आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मनीष गौनियाल कहते है कि दस्तावेजों को संरक्षित करने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। इतिहासकार गोपाल भारद्वाज के पास करीब पांच सौ से अधिक दुर्लभ फोटोग्राफ और लिथोग्राफ के साथ दो सौ साल पुराने दस्तावेज हैं। इतिहासकार गोपाल भारद्वाज म्यूजियम बनाने के लिए दो दशक से संघर्ष कर रहे हैं।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि मसूरी के इतिहास से जुड़े दस्तावेज के लिए बहुत जल्द झूलाघर में करीब एक करोड़ की लागत से म्यूजियम बनाया जाएगा। म्यूजियम के लिए प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है। बहुत जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है।