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Exclusive: उत्तराखंड में चार साल से शहरी निकायों में लागू नहीं किया तबादला एक्ट, पहले भी हो चुके हैं विवाद

Tue, 20 Sep 2022 02:03 PM IST
अलका त्यागी आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 20 Sep 2022 02:03 PM IST
सार

सवाल यह है कि शहरी विकास विभाग में तबादला एक्ट लागू न होने का जिम्मेदार कौन है। इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि तबादला एक्ट को अपनाने के लिए शहरी विकास विभाग को अधिसूचना जारी करनी थी। चार साल से विभाग ने यह अधिसूचना ही जारी नहीं की।

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Uttarakhand News: Transfer Act has not been implemented in urban bodies in four years
- फोटो : सांकेतिक फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में 2018 में लागू हुए तबादला एक्ट को प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर निकायों में आज तक लागू ही नहीं किया गया। इस वजह से शहरी विकास विभाग में कभी भी कर्मचारियों के तबादले हो जाते हैं। इससे पहले भी कई बार तबादले विवादों में आ चुके हैं।

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दरअसल, राज्य सरकार ने 2017 में उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम जारी किया था, जिसकी अधिसूचना पांच जनवरी 2018 को जारी हुई थी। इस अधिनियम के बिंदु संख्या 1(3) में लिखा गया था कि यह अधिनियम अखिल भारतीय सेवा, राज्य सिविल सेवा व राज्य पुलिस सेवा, उच्च न्यायालय के नियंत्रणाधीन समस्त सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी राज्याधीन सेवाओं के लिए लागू होगा।
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इसे राज्य सरकार अधिसूचना के माध्यम से निगम, परिषद और स्थानीय निकायों पर भी लागू कर सकेगी। यहां हैरत की बात यह है कि चार साल से यह अधिनियम प्रदेश में लागू है, लेकिन शहरी विकास विभाग में लागू नहीं है। मामले में जानकारी के लिए सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी को फोन मिलाया गया, लेकिन उनका फोन नहीं मिला।
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तबादला एक्ट लागू न करने का जिम्मेदार कौन?
अब सवाल यह है कि शहरी विकास विभाग में तबादला एक्ट लागू न होने का जिम्मेदार कौन है। इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि तबादला एक्ट को अपनाने के लिए शहरी विकास विभाग को अधिसूचना जारी करनी थी। चार साल से विभाग ने यह अधिसूचना ही जारी नहीं की। इस वजह से कभी भी किसी भी तरह से तबादले कर दिए जाते हैं।

पहले भी हो चुके हैं विवाद
शहरी विकास विभाग में मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के किए हुए 74 तबादलों पर सीएम कार्यालय की रोक का यह पहला मामला है, लेकिन यहां होने वाले तबादले कई बार विवादों में आ चुके हैं। इसी साल जुलाई में विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे। इन तबादलों को अगले साल होने वाले निकाय चुनावों से जोड़कर देखा गया। इससे पहले जुलाई 2021 में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे। 2020 में कोविड के बीच भी तबादलों को लेकर विवाद हुआ था। कई तबादले ऐसे भी सामने आ चुके हैं, जिनके खिलाफ कर्मचारी कोर्ट गए थे। बाद में उन्हें पूर्व की जगह पर ही तैनाती दी गई।

तबादला एक्ट लागू हुआ तो रुक जाएगी मनमानी
अगर शहरी विकास विभाग में भी तबादला एक्ट लागू हो गया तो सरकार की समय सारिणी के तहत हर साल अन्य विभागों की तरह साल में एक बार ही तबादले होंगे। इन तबादलों में भी सुगम और दुर्गम की सेवाओं को आधार बनाया जाएगा। तबादलों में मनमानी पर रोक लग जाएगी।


तबादला एक्ट में यह प्रावधान है कि निकायों में तबादला एक्ट लागू करने के लिए शहरी विकास विभाग को इसे एडॉप्ट करना होगा। इसकी अधिसूचना  शहरी विकास विभाग को जारी करनी है।
- शैलेश बगोली, सचिव कार्मिक

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