Uttarakhand News : पराक्रम दिवस पर हुआ सैन्य धाम का शिलान्यास, मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा
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सेना के जज्बे, शौर्य और बलिदान के प्रतीक सैन्य धाम की आधारशिला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को पुरुकुल गांव में रखी। प्रदेश के पांचवें धाम के रूप में पहचाने जाने वाले इस सैन्य धाम में राज्य के शहीदों के गांवों, प्रमुख नदियों, धार्मिक स्थलों की मिट्टी और शिलाओं का प्रयोग किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि भविष्य में उत्तराखंड की सरकार का शपथ ग्रहण समारोह इसी सैन्य धाम में हो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उनका प्रयास है कि यह सैन्य धाम जीवंत और जागृत हो। यहां जो कोई भी आए उसे वास्तविकता का पूर्ण अनुभव हो। जो भी यहां की मिट्टी में पैर रखे उसे प्रेरणा मिलनी चाहिए।
कहा कि सैन्य धाम के लिए उत्तराखंड के जितने भी शहीद हैं उनके गांवों की मिट्टी और शिला आनी चाहिए। साथ ही प्रमुख नदियों और धार्मिक स्थलों की मिट्टी भी सैन्य धाम में लगाई जाए। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल, कुमाऊं और गोरखा रेजीमेंट में दुश्मनों के दांत खट्टे करने की ताकत है।
हमारे सैनिकों का देश के प्रति जज्बा देशवासियों को प्रेरित करती रहे यह परिकल्पना सैन्यधाम के पीछे हैं। इसके अलावा सैन्य धाम बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे। लोग अपने सुझाव अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण को भेज सकते हैं।
सैन्य धाम में बनाया जाएगा संग्रहालय
इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी ने कहा कि सैनिकों की समस्याओं के लिए शासन और जिलाधिकारी स्तर पर नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। शहीद और अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों के परिजनों को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जा रही है। सैनिकों और विधवाओं को दी जानी वाली वार्षिक राशि 30 वर्ष के स्थान पर आजीवन कर दिया गया है।
इस दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंश कपूर, सुरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व मंत्री ले. जनरल टीपीएस रावत, मुख्यमंत्री के सैन्य सलाहकार ले.जनरल जेएस नेगी, एमडी उपनल ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा, निदेशक सैनिक कल्याण केवी चंद, डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
सैन्य धाम में संग्रहालय का निर्माण भी किया जाएगा। इस संग्रहालय में शहीदों की अगर घर में कोई निशानी है तो उसे वहां रखा जाएगा। साथ ही लोगों को प्रेरित करने वाली स्मृतियां भी यहां भी रखी जाएंगी। साथ ही यहां लोग युवा सेना में जाना चाहते हैं, उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। यहां पर एडवेंचर और उससे संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उपनल के मुख्यालय का भी किया शिलान्यास
सैन्य धाम के साथ ही यहां पर उपनल का मुख्यालय भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान उपनल के मुख्यालय का भी शिलान्यास किया। उपनल को ही इस पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई थी।
राज्यपाल ने सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आजाद हिंद फौज के संस्थापक होने के साथ ही भारत की स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे।
केंद्र सरकार ने उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। हम उनके आदर्शों को पूरा करने और एक सुदृढ़ भारत का निर्माण करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।