Uttarakhand: बिना नक्शा निर्माण करने वालों को कंपाउंडिंग शुल्क में मिल सकती है राहत, पुनर्विचार को होगी बैठक
निर्माण की कंपाउंडिंग प्राधिकरण में कराने पर भारी भरकम शुल्क लगता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब इस शुल्क से बचने के लिए लोग दूसरे गैर कानूनी रास्ते तलाश करते हैं।एमडीडीए में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी ये मुद्दा प्रमुखता से उठा था। उन्होंने इसका संज्ञान लिया है।
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बिना नक्शा निर्माण करने वालों को प्राधिकरणों में उनकी कंपाउंडिंग के शुल्क में राहत मिल सकती है। शासन स्तर पर इस शुल्क पर पुनर्विचार किया जाएगा। इसके लिए अगस्त के पहले सप्ताह में बैठक बुलाई गई है।
दरअसल, एमडीडीए सहित प्रदेशभर के प्राधिकरण क्षेत्रों में ऐसे तमाम मामले सामने आते हैं, जिनमें नक्शे से इतर अधिक निर्माण किया जाता है। इस निर्माण की कंपाउंडिंग प्राधिकरण में कराने पर भारी भरकम शुल्क लगता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब इस शुल्क से बचने के लिए लोग दूसरे गैर कानूनी रास्ते तलाश करते हैं।
सभी पहलुओं पर किया जाएगा पुनर्विचार
मंगलवार को एमडीडीए में अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी ये मुद्दा प्रमुखता से उठा था। उन्होंने इसका संज्ञान लिया है। अमर उजाला से बातचीत में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मामले में अगस्त के पहले सप्ताह में बैठक बुलाई गई है। बैठक में कंपाउंडिंग के सभी पहलुओं पर पुनर्विचार किया जाएगा। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं।
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वन टाइम सेटलमेंट स्कीम भी कारगर नहीं
प्रदेश में अवैध निर्माणों को नियमित करने के लिए पूर्व में कई बार वन टाइम सेटलमेंट स्कीम आ चुकी हैं। इसके बावजूद लोगों ने इसमें रुचि नहीं ली। हालात ये हैं कि प्रदेशभर के तमाम प्राधिकरण क्षेत्रों में अवैध निर्माण हैं, जिनकी कंपाउंडिंग की जरूरत है।