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Uttarakhand News : प्रदेश के पहले डाप्लर रडार ने काम करना शुरू किया, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री आज करेंगे उद्घाटन
Fri, 15 Jan 2021 09:33 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 15 Jan 2021 09:33 AM IST
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : पीटीआई (file photo)
प्रदेश के पहले डाप्लर रडार ने काम करना शुुरू कर दिया है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मुक्तेश्वर के इस रडार का उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ गढ़वाल क्षेत्र के लिए सुरकंडा में स्थापित किया जा रहा डाप्लर रडार भी दो माह में काम करना शुरू कर सकता है।
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प्रदेश में मौसम के हिसाब से कई माइक्रो क्लाइमेट जोन हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण भी मौसम की अनिश्चितता बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेश के लिए तीन डाप्लर रडार लगाने की योजना बनाई गई थी।
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एक मुक्तेश्वर, दूसरा सुरकंडा और तीसरा पौड़ी जिले के लैंसडौन क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है। मुक्तेश्वर में स्थापित डाप्लर रडार ने काम करना शुरू कर दिया है और इससे मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के साथ ही भारतीय मौसम विभाग को भी जानकारी मिल रही है।
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डाप्लर रडार का उपयोग मौसम की सटीक भविष्यवाणी के साथ ही अत्यधिक तेज बारिश जैसी घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने के लिए बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक तेज बारिश की घटनाएं पहाड़ में बढ़ रही हैं। सामान्य रूप से इसे बादल फटना बताया जाता है। डाप्लर रडार से बादलों के बनने से लेकर उनकी संरचना आदि की जानकारी हासिल की जा सकती है। लिहाजा यह रडार इस तरह के मामलों में कारगर साबित हो सकते हैं।
रडार की खासियत
अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित डॉप्लर रडार मुक्तेश्वर के शीतोष्ण बागवानी संस्थान में स्थापित किया गया है। इस रडार की खासियत यह है कि बादलों के फटने जैसी घटनाओं के होने से पहले ही हमें जानकारी मिल जाएगी। बारिश, तूफान या अंधड़ के साथ तेज हवाओं के यहां पहुंचने से पहले ही जानकारी मिल जाने से जरूर एहतियात बरतना भी आसान हो जाएगा।
डॉप्लर रडार को स्थापित करने में दस करोड़ रुपये की लागत आई है। जिसमें अत्याधुनिक उपकरणों समेत भवन आदि का खर्च भी शामिल हैं।