फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news: Some important secrets revealed from pen drive recovered from Maoist Bhaskar pandey

उत्तराखंड: माओवादी भास्कर से बरामद पेन ड्राइव से भी खुले कुछ अहम राज, ये थी योजना

Thu, 16 Sep 2021 07:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 16 Sep 2021 07:07 PM IST
सार

शुरुआती पूछताछ और पेन ड्राइव देखने से यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुमाऊं में अकेला होने के कारण भास्कर की भावी योजना माओवादी सेंट्रल कमेटी आफ इंडिया से जुड़ने की थी।

विज्ञापन
uttarakhand news: Some important secrets revealed from pen drive recovered from Maoist Bhaskar pandey
bhaskar pandey - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

बीस हजार के इनामी माओवादी भास्कर पांडे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उसके पास से बरामद पेन ड्राइव से कई अहम सुराग मिले हैं।

विज्ञापन


शुरुआती पूछताछ और पेन ड्राइव देखने से यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुमाऊं में अकेला होने के कारण भास्कर की भावी योजना माओवादी सेंट्रल कमेटी आफ इंडिया से जुड़ने की थी। फिलहाल पुलिस बारीकी से पेन ड्राइव का निरीक्षण कर रही है जिससे माओवाद को लेकर और अहम सुराग मिलने के आसार हैं। 
विज्ञापन


उत्तराखंड: इनामी माओवादी भाष्कर पांडे अल्मोड़ा से गिरफ्तार, कुख्यात खीम सिंह बोरा का है दायां हाथ
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार को अल्मोड़ा पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर माओवादी भास्कर पांडे को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद भास्कर को अल्मोड़ा जेल में दाखिल किया गया। उसके पास से पुलिस ने एक पेन ड्राइव भी बरामद की थी। पुलिस को अंदेशा था कि पेन ड्राइव में माओवाद से जुड़े कई अहम सुराग हो सकते हैं।

कोर्ट से पेन ड्राइव का अवलोकन करने की अनुमति मिलने के बाद शुरुआती निरीक्षण में पता चला है कि ड्राइव में 2017 में सोमेश्वर, धारी और द्वाराहाट में की गई माओवादी घटनाओं का डाटा जमा किया गया है। इससे इस बात की भी पुष्टि होती है कि उक्त सभी घटनाओं को माओवादी संगठन ने ही अंजाम दिया था। 2019 में लखनऊ एटीएस की ओर से गिरफ्तार माओवादी खीम सिंह बोरा के संकलित कुछ दस्तावेज और संगठन के संबंध में जानकारी भी पैन ड्राइव में मिली है।

खीमसिंह के संकलन से मिल सकते हैं बड़े सुराग

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में भास्कर ने बताया कि उक्त पेन ड्राइव उसे खीम सिंह बोरा ने दी थी। बोरा के गिरफ्तार होने के बाद पेन ड्राइव उसी के पास रही। बोरा ने भी गिरफ्तारी के बाद खुलासा किया था कि उसकी अगली योजना पंचेश्वर बांध का बड़े स्तर पर विरोध करने की थी। पुलिस अंदेशा जता रही है कि इससे जुड़े कुछ साक्ष्य भी ड्राइव में हो सकते हैं। घटना के समय की कुछ पेपर कटिंग, साहित्य आदि की जानकारी भी पेन ड्राइव में उपलब्ध होनी बताई जा रही है। 

छापामारी युद्ध, शस्त्र प्रशिक्षण का भी मिला ब्योरा
बरामद पेन ड्राइव माओवादी संगठन के लिए कितनी अहम है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ड्राइव में छापामारी युद्ध और शस्त्र प्रशिक्षण का भी ब्योरा है। पूर्व में खीम सिंह बोरा और अन्य माओवादियों ने हंसपुर खत्ता और नैनीताल के जंगलों में 15 दिन रहकर एमसीसीआई-पीएलजीए ट्रेनिंग कैंप चलाया था। इसमें मध्य प्रदेश से देशी हथियार बनाने के लिए दो विशेषज्ञ बुलाए गए थे। जिन्होंने ट्रेनिंग कैंप में ही छह हथियार बनाए। इसके बाद पश्चिमी चंपारण बिहार से ट्रेनिंग देने के लिए दो विशेषज्ञों को बुलाया गया था। 

 भास्कर पांडे के पास से एक पेन ड्राइव बरामद हुई थी। जिसका अवलोकन करने के आदेश कोर्ट से मिले हैं। प्रारंभिक अवलोकन  में पूर्व में सोमेश्वर, धारी और द्वाराहाट में अंजाम दी गई माओवादी गतिविधियों का डाटा मिला है। जिससे पुष्टि होती है कि उक्त घटनाओं को माओवादियों ने ही अंजाम दिया था। शस्त्र प्रशिक्षण और छापामारी युद्ध का डाटा भी ड्राइव में संकलित किया गया है। 
- तपेश चंद, जांच अधिकारी/सीओ अल्मोड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed