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उत्तराखंड: इनामी माओवादी भाष्कर पांडे अल्मोड़ा से गिरफ्तार, कुख्यात खीम सिंह बोरा का है दायां हाथ 

Mon, 13 Sep 2021 11:48 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 13 Sep 2021 11:48 PM IST
सार

2016 में अल्मोड़ा जिले में हुए नानीसार आंदोलन से भाष्कर पांडे का नाम सुर्खियों में आया था। उसके भूमिगत होने पर पुलिस प्रशासन ने उस पर ढाई हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 

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Uttarakhand News: Maoist Bhaskar Pandey arrested from Almora
माओवादी गिरफ्तार - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

पांच साल से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी माओवादी भाष्कर पांडे को अल्मोड़ा पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। नानीसार आंदोलन से सुर्खियों में आया भाष्कर पांडे माओवादी खीम सिंह बोरा के बाद कुमाऊं में माओवाद का सबसे मजबूत स्तंभ था। पांच सालों से तीन जिलों की एसटीएफ, इंटेलीजेंस सहित अन्य खुफिया एजेंसियां और पुलिस भाष्कर की तलाश कर रहीं थीं। 

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2016 में अल्मोड़ा जिले में हुए नानीसार आंदोलन से भाष्कर पांडे का नाम सुर्खियों में आया था। उसके भूमिगत होने पर पुलिस प्रशासन ने उस पर ढाई हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 2017 में माओवादी देवेंद्र सिंह चम्याल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने भाष्कर पर इनाम बढ़ाकर पांच हजार और उसके बाद 20 हजार तक कर दिया लेकिन इसके बाद भी उसे पकड़ा नहीं जा सका। इस बार भी चुनाव के समय अल्मोड़ा जिले में माओवादियों की सक्रियता बढ़ने के अंदेशे से अल्मोड़ा एसएसपी पंकज भट्ट ने अपनी टीम को भाष्कर पांडे की सुरागकशी में लगाया था।
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पंकज भट्ट के निर्देशन में पुलिस टीम करीब 15 दिनों से भाष्कर की धरपकड़ के लिए जाल बिछा रही थी। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने भाष्कर पांडे को अल्मोड़ा क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार भाष्कर के पास से कुछ माओवादी परचे और माओवादी आंदोलनों से जुड़ी पत्रिकाएं बरामद हुई हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है। माना जा रहा है कि भाष्कर से पूछताछ के बाद पुलिस कुमाऊं में माओवादी गतिविधियों को लेकर कई बड़े राज खोल सकती है। 

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कुख्यात खीम सिंह बोरा का दायां हाथ है भास्कर पांडे

भास्कर उत्तराखंड के सबसे कुख्यात और 50 हजार रुपये के इनामी रहे खीम सिंह बोरा का दायां हाथ माना जाता है। इसका नाम बोरा के साथी देवेंद्र चम्याल की 2017 में हुई गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। इसके बाद भास्कर इनामी हो गया और कुछ दिन बाद 2017 में ही उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया।

माओवादी गतिविधियों में संलिप्त भास्कर पांडे उर्फ  भुवन पांडे उर्फ  तरुण उर्फ  मनीष पांडे पुत्र खीमानंद पांडे निवासी आरतोला, जागेश्वर तहसील भनोली, अल्मोड़ा केखिलाफ  सरकारी वाहन जलाने, नैनीसार में तोड़फोड़ और दीवारों पर नारे और पोस्टर लगाने के भी आरोप हैं।

2017 में  पकड़े गए 50 हजार के इनामी देवेंद्र चम्याल से पूछताछ में माओवादी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थी। इसके बाद भास्कर का नाम सामने आया था।  अल्मोड़ा पुलिस ने भास्कर पर ढाई हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। भास्कर कुख्यात खीम सिंह बोरा का दायां हाथ माना जाता है। बोरा को 2019 में यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पांडे बोरा के साथ कई गतिविधियों में शामिल रहा हैं। बोरा के पकड़े जाने के बाद वह लगातार फरार चल रहा था। हाल ही में पुलिस उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने तैयारी कर रही थी।

यह उत्तराखंड का एकमात्र इनामी माओवादी था। इसे अल्मोड़ा से गिरफ्तार किया गया है। भास्कर के बारे में पता चला है कि वह उत्तराखंड के बाहर भी सक्रिय रहा है। ऐसे में उससे आईबी और अन्य जांच एजेंसी भी उत्तराखंड पुलिस के साथ मिलकर पूछताछ कर रही हैं। . 
-अशोक कुमार, डीजीपी, उत्तराखंड पुलिस

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