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उत्तराखंडः रोडवेज कर्मचारियों को पूरा वेतन, प्रोत्साहन भत्ते का आश्वासन, हड़ताल स्थगित
Fri, 16 Jul 2021 01:30 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 16 Jul 2021 01:30 PM IST
सार
दरअसल, मोर्चा ने 15 जुलाई की मध्य रात्रि से 24 घंटे की पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया था। कर्मचारी परिषद की ओर से आश्वासन के बाद बुधवार को ही हड़ताल स्थगित कर दी गई थी।
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उत्तराखंड रोडवेज
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
रोडवेज कर्मचारियों को पूर्ण वेतन, एसीपी कटौती की रिकवरी न करने और संविदा व विशेष श्रेणी कर्मचारियों को प्रोत्साहन व रात्रि भत्ते का लिखित आश्वासन मिलने के बाद उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने हड़ताल स्थगित कर दी है। मोर्चा के प्रदेश सचिव अशोक चौधरी ने कहा कि फिलहाल 20 जुलाई तक के लिए हड़ताल स्थगित की गई है।
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दरअसल, मोर्चा ने 15 जुलाई की मध्य रात्रि से 24 घंटे की पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया था। कर्मचारी परिषद की ओर से आश्वासन के बाद बुधवार को ही हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। मोर्चा ने दो दिन पूर्व परिवहन सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा से वार्ता की। वार्ता में कई बिंदुओं पर सहमति बनी। इसमें आधे के बजाए पूरा वेतन देने, सहकारी ऋण समितियों को पूर्व की भांति भुगतान करने, कार्यशाला को ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित करने आदि पर सहमति बनी।
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वहीं, गुरुवार को मोर्चा पदाधिकारियों को परिवहन निगम के एमडी अभिषेक रोहेला ने वार्ता के लिए बुलाया। इस वार्ता में मोर्चा की ओर से रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह भगत, प्रदेश महामंत्री रविनंदन कुमार, उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहदेव, प्रदेश मंत्री सहेंद्र पाल और एससी एसटी श्रमिक संघ के प्रदेेश अध्यक्ष रामकिशुन राम शामिल हुए।
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निगम प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन औसत किलोमीटर के बजाए तीन माह के औसत वेतन के आधार पर जारी किया जाएगा। एसीपी रिकवरी के मामले में फिलहाल निगम ने रिकवरी न करने का आश्वासन दे दिया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत मकान किराया भत्ता देने, रोडवेज कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड का लाभ देने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने पर सहमति बनी। इस आधार पर मोर्चा ने फिलहाल 20 जुलाई तक के लिए हड़ताल स्थगित कर दी है। मोर्चा के प्रदेश सचिव अशोक चौधरी ने बताया कि 20 जुलाई तक कार्रवाई न होने पर आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
न बसों की मरम्मत का पैसा है, न ही डीजल का बजट
परिवहन निगम में घाटे की वजह से चार माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके भुगतान कई साल से नहीं हो पा रहे हैं। इस बीच हालात इतने बिगड़ गए हैं कि निगम के पास बसों के डीजल और मरम्मत के लिए भी पैसा नहीं है। लिहाजा, निगम ने बुधवार को कैबिनेट में 151 करोड़ का प्रस्ताव रखा था, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फैसला लेना है। इसमें निगम ने डीजल और बसों की मरम्मत व टायरों के लिए तत्काल पांच करोड़ और अनुबंधित बसों के भुगतान के लिए सात करोड़ के बजट की मांग की थी। इसके साथ ही निगम ने विभिन्न सुधारों के लिए 18 करोड़ 80 लाख रुपये की डिमांड रखी है। बता दें कि मरम्मत और टायरों का बजट जारी न हो पाने की वजह से निगम की पर्वतीय डिपो का बस संचालन प्रभावित हो रहा है। तमाम बसें अभी भी सड़क पर नहीं आ पाई हैं।
नौ माह के लिए निगम को चाहिए 192 करोड़
परिवहन निगम ने जो प्रस्ताव कैबिनेट में रखा था, उसके तहत निगम को जुलाई 2021 से मार्च 2022 तक 192 करोड़ 51 लाख रुपये की जरूरत है। इसमें हर महीने वेतन के 17 करोड़ आठ लाख रुपये, ईपीएफ और ईएसआई भुगतान के लिए हर महीने दो करोड़ 31 लाख रुपये, ग्रेच्युटी भुगतान के लिए हर महीने दो करोड़ रुपये की जरूरत है। कुल मिलकर हर महीने निगम को 21 करोड़ 39 लाख रुपये की जरूरत है।
बढ़ने लगी है परिवहन निगम की कमाई
कोरोना काल में भारी घाटे से जूझ रहे परिवहन निगम की कमाई का ग्राफ ऊपर चढ़ने लगा है। निगम प्रबंधन को अब कोरोना संक्रमण और कोविड कर्फ्यू से राहत मिलने के बाद संचालन और कमाई में भी राहत की उम्मीद बढ़ गई है। दरअसल, परिवहन निगम पिछले करीब डेढ़ साल से बस संचालन सुचारू न होने की वजह से भारी घाटे में पहुंच गया है। निगम को पिछले तीन माह में ही करीब 50 करोड़ का घाटा हुआ है। यूपी सहित अन्य राज्यों के लिए बस सेवा बहाल होने के बाद निगम की कमाई का ग्राफ भी बढ़ने लगा है। परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले सप्ताह एक दिन में एक करोड़ से ऊपर की कमाई निगम को हुई है। हालांकि आम तौर पर इन दिनों में प्रतिदिन निगम की बसें एक करोड़ 80 लाख रुपये तक कमाती थी। लिहाजा, परिवहन निगम को कमाई का ग्राफ अभी और बढ़ने का इंतजार है।
जल्द दिल्ली के लिए बढ़ेंगी वॉल्वो बसें
परिवहन निगम ने दिल्ली के लिए पिछले सप्ताह से कुछ वॉल्वों बसों का संचालन शुरू कर दिया था। इसका परिणाम काफी अच्छा आ रहा है। मंडल प्रबंधक संजय गुप्ता के मुताबिक जल्द ही दिल्ली रूट पर वॉल्वों बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
आम सभा में दी आंदोलन नोटिस वापस लेने की जानकारी
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने गुरुवार को हरिद्वार रोड स्थित कार्यशाला में आम सभा बुलाई। आम सभा में महामंत्री दिनेश पंत ने बताया कि परिवहन सचिव से वार्ता के बाद आंदोलन नोटिस फिलहाल वापस लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परिवहन सचिव की ओर से आधा वेतन देने के फैसले को वापस लेने, ऋण समितियों को पूर्व की भांति भुगतान करने, विशेष श्रेणी कर्मचारियों के नियमितीकरण आदि पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है। जिसके बाद आंदोलन स्थगित किया गया है।