{"_id":"6680e93431d92662b20e34fa","slug":"uttarakhand-news-retirement-age-of-specialist-doctors-increased-to-65-years-notification-issued-2024-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand News: अब 65 वर्ष की उम्र में रिटायर हो सकेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर, दिया जाएगा विकल्प, अधिसूचना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand News: अब 65 वर्ष की उम्र में रिटायर हो सकेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर, दिया जाएगा विकल्प, अधिसूचना जारी
Sun, 30 Jun 2024 10:45 AM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 30 Jun 2024 10:45 AM IST
सार
सेवानिवृत्ति की तिथि से छह महीने पहले यह विकल्प देना होगा। इस वर्ष विकल्प दिए जाने की समय सीमा में शिथिलीकरण प्रदान किया गया है।
विज्ञापन
डाॅक्टर
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शासन ने स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवानिवृत्त होने की आयु 60 से 65 वर्ष करने की अधिसूचना शर्ताें एवं प्रतिबंधों के साथ जारी कर दी है। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों को यह विकल्प देना होगा कि वे अधिवर्षता आयु पूरी करने के बाद रिटायर होना चाहते हैं या फिर 65 वर्ष तक अपनी सेवाओं को जारी रखना चाहते हैं।
विज्ञापन
सेवानिवृत्ति की तिथि से छह महीने पहले यह विकल्प देना होगा। इस वर्ष विकल्प दिए जाने की समय सीमा में शिथिलीकरण प्रदान किया गया है। 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रशासनिक पद एवं वित्तीय दायित्वों का प्रभार नहीं दिया जाएगा साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों का पदनाम मुख्य परामर्शदाता होगा।
विज्ञापन
Uttarakhand : ऋषिकेश में राफ्टिंग का आज आखिरी दिन, अब दो महीने तक बंद रहेगा रोमांच का सिलसिला
विज्ञापन
60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों के कार्य का मूल्यांकन एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विवि के कुलपति की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। समिति की संस्तुति प्रत्येक वर्ष अनिवार्य होगी और समिति की संस्तुति न मिलने पर विशेषज्ञ डॉक्टर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान कर दी जाएगी। संबंधित व्यवस्था का मूल्यांकन पांच वर्ष प्रशासनिक विभाग व वित्त विभाग के माध्यम से होगा।