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गजब: भर्ती निकली, परीक्षा दी, चयन हुआ पर पदों को उत्तराखंड शासन से अनुमति ही नहीं थी
Wed, 21 Apr 2021 10:21 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 21 Apr 2021 10:21 AM IST
सार
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड में सहायक भंडार पाल के 11 पदों पर भर्ती में पेच, निगम की सिफारिश के आधार पर आयोग ने करा दी परीक्षा, शासन से नहीं मिली स्वीकृति, अब चयन होने के बाद भी ज्वाइनिंग के लिए भटक रहे हैं युवा।
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से हजारों युवाओं की दौड़ से आगे निकलकर चुने जाने के बाद भी युवा नौकरी की राह देख रहे हैं। चार साल से चल रही यह भर्ती, कागजों से आगे नहीं बढ़ पाई है। हैरत की बात यह है कि जिन पदों के लिए युवा चुने गए हैं, उन्हें शासन ने अनुमति ही नहीं दी है।
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यूजेवीएनएल के भी सहायक भंडार पाल के 11 पद शामिल थे
मामला है उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) का। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने तीन जनवरी 2017 को समूह ग के 221 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसमें यूजेवीएनएल के भी सहायक भंडार पाल के 11 पद शामिल थे।
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आयोग ने 19 मई, 09 जून, 16 जून और 28 जून को परीक्षा कराई थी। यूजेवीएनएल के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा 28 जून को हुई थी, जिसका रिजल्ट छह सितंबर 2019 को जारी हुआ था। इसके बाद चुने गए उम्मीदवारों के प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन 23, 24 और 25 सितंबर 2019 को हुआ था।
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इसके बाद जल विद्युत निगम ने 18 मार्च को चुने हुए उम्मीदवारों को प्रमाण पत्रों के वेरिफिकेशन के लिए बुलाया। लेकिन 17 मार्च 2020 को ही वेरिफिकेशन को स्थगित कर दिया गया। तब से लेकर आज तक यूजेवीएनएल से कोई जवाब नहीं मिल पा रहा है। जब कुछ चयनित उम्मीदवारों ने निगम में संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि अभी ऐसे कोई पद ही नहीं हैं।
क्या बोले निगम के एमडी
दरअसल, हमने बेहद जरूरी इन पदों के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में अधियाचन भेजा था, शासन को इन पदों पर भर्ती की स्वीकृति की फाइल भेज दी थी। आयोग ने अपनी चयन प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिल पाई। अब हमने शासन को रिमाइंडर भेजा हुआ है। जैसे ही कुछ आएगा तो उसी हिसाब से भर्ती प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।