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गंगोत्री नेशनल पार्क में दिखा दुर्लभ भूरा भालू व भरल-मृगों के झुंड, ट्रैप कैमरों में कैद हुए वन्य जीव
Tue, 22 Dec 2020 04:10 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 22 Dec 2020 04:10 PM IST
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दुर्लभ वन्य जीव
- फोटो : अमर उजाला
गंगोत्री नेशनल पार्क की टीम हिमाच्छादित क्षेत्रों में दुर्लभ वन्य जीवों की पड़ताल में जुटी हुई है। बीते दिनों नेलांग, गोमुख और केदारताल क्षेत्र की रेकी करने गई पार्क की टीम ने यहां पूर्व में लगाए गए 45 ट्रैप कैमरों की जांच की, तो दुर्लभ वन्य जीवों की गतिविधियों का पता लगा।
इस दौरान टीम को क्षेत्र में दुर्लभ भूरा भालू के साथ ही भरल, मृगों के झुंड समेत अन्य वन्य जीव भी नजर आए, जिनकी तस्वीरें कैमरों में कैद हो गई है। दो से तीन फीट बर्फ से ढके इस क्षेत्र में रेकी के दौरान टीम को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि सर्दियों में यह पार्क क्षेत्र की अंतिम रेकी थी। इस दौरान हिम तेंदुओं की गणना के लिए भी जानकारियां जुटाई गईं। हिम तेंदुओं के पंजों के निशान एवं उनके मल पाए जाने वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। इस संबंध में जल्द ही भारतीय वन्य जीव संस्थान को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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इसके आधार पर अगले वर्ष चिह्नित स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाकर हिम तेंदुओं की गणना की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए चार टीमें लगाई गई थीं। इसमें उनके साथ ही रेंजर ईको टूरिज्म संजय कुमार, डिप्टी रेंज भागचंद, वन दरोगा राजबीर रावत एवं हरीश लाल, वन रक्षक देवराज राणा, महादेव भट्ट, खेमराज राणा, सुभाष भट्ट आदि शामिल थे।
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इस दौरान टीम को क्षेत्र में दुर्लभ भूरा भालू के साथ ही भरल, मृगों के झुंड समेत अन्य वन्य जीव भी नजर आए, जिनकी तस्वीरें कैमरों में कैद हो गई है। दो से तीन फीट बर्फ से ढके इस क्षेत्र में रेकी के दौरान टीम को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि सर्दियों में यह पार्क क्षेत्र की अंतिम रेकी थी। इस दौरान हिम तेंदुओं की गणना के लिए भी जानकारियां जुटाई गईं। हिम तेंदुओं के पंजों के निशान एवं उनके मल पाए जाने वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। इस संबंध में जल्द ही भारतीय वन्य जीव संस्थान को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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इसके आधार पर अगले वर्ष चिह्नित स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाकर हिम तेंदुओं की गणना की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए चार टीमें लगाई गई थीं। इसमें उनके साथ ही रेंजर ईको टूरिज्म संजय कुमार, डिप्टी रेंज भागचंद, वन दरोगा राजबीर रावत एवं हरीश लाल, वन रक्षक देवराज राणा, महादेव भट्ट, खेमराज राणा, सुभाष भट्ट आदि शामिल थे।