Uttarakhand: पर्यटकों के लिए खुले राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला और रानीपुर गेट, कॉर्बेट का ढिकाला जोन भी खुला
राजाजी टाइगर रिजर्व के साथ ही कॉर्बेट नेशनल पार्क का ढिकाला जोन भी आज पर्यटकों के भ्रमण के लिए खोल दिया गया है। अब पर्यटक इस जोन में डे विजिट के अलावा रात्रि विश्राम भी कर सकेंगे।
विस्तार
पांच महीने बाद फिर से राजाजी टाइगर रिजर्व के गेट जंगल सफारी के लिए खुल गए हैं। पहले दिन 71 सैलानियों ने राजाजी के जंगलों की सैर की। जंगल सफारी करने वाले हाथी और गुलदार को देखकर काफी रोमांचित हुए। 15 जून को चीला रेंज के साथ ही हरिद्वार रेंज के रानीपुर गेट को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। मंगलवार को प्रकृति प्रेमियों के लिए चीला रेंज और रानीपुर गेट खोल दिए गए। राजाजी टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर कहकशा नसीम और राज्य आंदोलनकारी रामेश्वरी देवी ने नारियल फोड़कर जंगल सफारी के लिए गेट का ताला खोलकर उद्घाटन किया। इसके बाद सबसे पहले स्कूली बच्चों ने राष्ट्रगान गाया।
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राजाजी टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर कहकशा नसीम ने कहा कि राजाजी के जंगल में गुलदार, टाइगर, हाथी और अन्य जंगली जानवरों और पक्षियों के दीदार होते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना सैलानियों को भ्रमण के दौरान देखने को मिलता है। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलते हैं।
राज्य आंदोलनकारी पीडी ध्यानी ने कहा कि वह लगभग 40 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं। जंगल में सभी प्रकार के जानवर देखने को मिलते हैं। राजाजी पार्क प्रशासन ने उद्घाटन अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान देकर सराहनीय कार्य किया है। इस मौके पर वन्य जीव प्रति पालक प्रशांत हिंडवान, रेंजर शैलेश घिल्डियाल, प्रदीप ध्यानी, राज्य आंदोलनकारी उमा बनवाल, इंद्रा मनवाल, विनोद शुक्ला, इस्तकार आदि मौजूद रहे।
पहले दिन 14 हजार 250 रुपये का राजस्व
पहले दिन 18 जिप्सी में जंगल सफारी करने के लिए पर्यटक पहुंचे। 71 सैलानियों और 18 जिप्सी के जंगल सफारी करने से राजाजी प्रशासन को 14 हजार 250 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सुबह और शाम करें जंगल सफारी
राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला और रानीपुर गेट से पर्यटक सुबह व शाम की शिफ्ट में जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकते हैं। इसमें 36 किलोमीटर के राउंडअप ट्रैक से सुबह सात से दस बजे तक और शाम को दो से 3:30 बजे तक राजाजी में जंगल सफारी करने के लिए एंट्री कर सकते हैं। जिप्सी का किराया 2200 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें चालक के अलावा अधिकतम छह लोगों को बैठने की अनुमति है। प्रति व्यक्ति डेढ़ सौ और विदेशी नागरिकों के लिए 600 रुपये शुल्क है। जिप्सी का एंट्री शुल्क 250 और विदेशियों के लिए पांच सौ रुपये तय किया गया है।
सैलानियों के लिए खोला गया ढिकाला जोन
कॉर्बेट नेशनल पार्क का ढिकाला जोन मंगलवार को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। अब सैलानी इस जोन में डे विजिट के अलावा रात्रि विश्राम भी कर सकेंगे। पहले ही दिन सफारी के दौरान सैलानियों को बाघ के दर्शन हुए। इससे सैलानी काफी रोमांचित नजर आए। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने भ्रमण पर आए सैलानियों के कैंटरों को धनगढ़ी गेट पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पार्क प्रशासन ने सैलानियों का मुंह मीठा कराया। बता दें 15 जून को हर वर्ष ढिकाला जोन बंद कर दिया जाता है और 15 नवंबर को खोला जाता है।
पार्क निदेशक डॉ. धीरज पांडे ने बताया कि पहले दिन कैंटर और जिप्सी में सैलानी के भ्रमण के लिए रवाना हुए। सैलानियों की सुविधा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। पार्क के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कॉर्बेट पार्क में हर वर्ष देसी और विदेशी सैलानी भ्रमण के लिए आते हैं। पहले दिन भ्रमण पर रवाना हुए सैलानी काफी उत्साहित दिखे। ढिकाला रेंजर राजेंद्र सिंह चकरायत ने बताया कि सैलानियों को भ्रमण के दौरान वनराज के दर्शन हुए। सैलानियों ने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ ही वन्यजीवों के दीदार किए।
यह बोले सैलानी....
दिल्ली से आए सैलानी चेतन और उनकी पत्नी हीना ने बताया कि कॉर्बेट का ढिकाला जोन बेहद खूबसूरत है। यहां आकर बाघ देखने को आतुर हूं। पहले भी यहां आ चुके हैं और हर वर्ष यहां आकर जंगल सफारी करते हैं। दिल्ली से ही आई साक्षी ने बताया कि वह पहली बार यहां आई हैं। बाघ नजर आ जाए तो यहां आना सफल हो जाएगा।
पहले दिन 275 सैलानियों ने की जंगल सफारी
कॉर्बेट पार्क के ढिकाला जोन में रात्रि विश्राम के लिए 156, जगल सफारी के लिए कैंटर में 119 सैलानी गए। पहले दिन कुल 275 सैलानियों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। रेंजर संजय पांडेय ने बताया कि जिप्सी से 156 में से 139 वयस्क, तीन बच्चे, 12 वरिष्ठ नागरिक और दो विदेशी सैलानी रात्रि विश्राम के लिए ढिकाला गए। कैंटर से सुबह की पाली में 63, शाम की पाली में 56 सैलानियों ने जंगल सफारी की।
कॉर्बेट पार्क में ऐसे कराए ऑनलाइन बुकिंग
कॉर्बेट पार्क में जंगल सफारी के लिए सैलानियों को ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। कॉर्बेट की ऑफिशियल वेबसाइट corbettonline.uk.gov.in है। जिसमें सैलानियों को सभी सूचनाएं मिल जाएंगी। कॉर्बेट के बिजरानी, झिरना, ढेला और दुर्गादेवी जोन में भारतीयों की जंगल सफारी के लिए एक हजार निर्धारित है जबकि विदेशी दो व्यक्तियों के 1900 और छह व्यक्तियों के 3300 रुपये देने होते है। रात्रि विश्राम के लिए भारतीय को 500 रुपये और विदेशियों को 1500 रुपये का भुगतान करना होता है। ढिकाला में रात्रि विश्राम के लिए भारतीयों को 2500 रुपये और विदेशियों को पांच हजार रुपये भुगतान करना होता है। वीवीआईपी रेस्ट हाउस खिनानौली में भारतीयों से पांच हजार और विदेशियों से 12 हजार रुपये शुल्क लिया जाता है। कैंटर सफारी के लिए भारतीयों को 1100 रुपये और विदेशियों को 2200 रुपये देने होते हैं।