उत्तराखंड : गंगा पूजन के बाद आज से ऋषिकेश में राफ्टिंग शुरू, मंत्री सतपाल महाराज और सुबोध उनियाल रहे मौजूद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 19 Sep 2021 01:17 PM IST

सार

साहसिक खेलों के शौकीन पर्यटक तीर्थनगरी के मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, तपोवन, लक्ष्मणझूला पहुंचते हैं। लेकिन कोविड कर्फ्यू और मानसून सीजन के चलते राफ्टिंग का संचालन बंद था। 
uttarakhand news : rafting starts in rishikesh from today
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

चार महीने बाद पर्यटक योगनगरी में रिवर राफ्टिंग के रोमांच का मजा ले पाएंगे। रविवार से ऋषिकेश में राफ्टिंग शुरू हो गई है। आज राफ्टिंग व्यवसायियों ने खारास्रोत घाट पर गंगा पूजन कर इसकी शुरुआत की। इस दौरान पर्यटक मंत्री सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मौजूद रहे।
विज्ञापन


इस दौरान राफ्टिंग व्यवसायियों के पर्यटन मंत्री के सामने कई मांगें रखीं। राफ्टिंग व्यवसायियों का कहना था कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में 10 साल के बच्चे को भी राफ्टिंग करने की अनुमति दी जाए। साथ ही राफ्टिंग के उपकरण बेचने की बाध्यता को खत्म किया जाए। कहा कि गाइड की आयु 50 साल के बजाए उसके मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के आधार पर आगे बढ़ाई जाए।


मानसून सीजन के चलते राफ्टिंग का संचालन बंद था
कोविड कर्फ्यू और मानसून सीजन के चलते राफ्टिंग का संचालन बंद था। अब गंगा में रीवर राफ्टिंग खुलने से राफ्टिंग व्यावसायियों को इस बार अच्छे व्यापार की उम्मीद है। साहसिक खेलों के शौकीन पर्यटक तीर्थनगरी के मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, तपोवन, लक्ष्मणझूला पहुंचते हैं। यहां संचालित राफ्ट कार्यालयों में पहुंचकर पर्यटक राफ्टिंग का लुत्फ उठाते हैं।
 
राफ्ट संचालक पर्यटकों को ब्रह्मपुरी, शिवपुरी, कौड़ियाला, मरीन ड्राइव, फूलचट्टी आदि जगहों से राफ्टिंग कराते हैं। 1 सितंबर से तीर्थनगरी में राफ्टिंग का संचालन शुरू हो जाता था। लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने से इस बार देरी से राफ्टिंग का संचालन शुरू हुआ है।

राफ्टिंग पर छाया कोरोना का साया

तीर्थनगरी में एक सितंबर से 30 जून तक राफ्टिंग का संचालन होता था। बरसात में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से जुलाई और अगस्त दो महीने संचालन बंद रहता था। कोरोनाकाल के कारण राफ्टिंग का कारोबार ठप हो गया है। इस बार राफ्टिंग व्यावसायियों को उम्मीद है कि उनके कारोबार को एक नई दिशा मिलेगी। 

इतने किमी के होते हैं राफ्टिंग के ट्रेक
- कौडियाला से रामझूला, नीमबीच - 35 किमी
- कौडियाला से शिवपुरी - 20 किमी
- मरीन ड्राइव से शिवपुरी- 10 किमी
- मरीन ड्राइव से रामझूला, नीमबीच - 25 किमी
- शिवपुरी से रामझूला, नीमबीच- 15 किमी
- ब्रह्मपुरी से रामझूला, नीमबीच - 9 किमी
- क्लब हाउस से रामझूूला, नीमबीच- 9 किमी

मानसून पर निर्भर करता है, बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जिसके कारण राफ्टिंग के संचालन की अनुमति नहीं दी जा रही है। 
- सोबन सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00