फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News public hearing Consumers said We want freedom from expensive electricity rates

Uttarakhand: विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में बोले उपभोक्ता- हमें चाहिए महंगी बिजली दरों से आजादी

Wed, 14 Aug 2024 11:17 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 14 Aug 2024 11:17 PM IST
सार

सभी हितधारकों ने एक सुर में यूपीसीएल की याचिका अस्वीकार करने की मांग की। आयोग ने इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

विज्ञापन
Uttarakhand News public hearing Consumers said We want freedom from expensive electricity rates
बिजली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हुई बिजली दरों में और बढ़ोतरी को लेकर यूपीसीएल की ओर से दायर याचिका की स्वीकार्यता पर जनसुनवाई हुई। सुनवाई में आए उपभोक्ताओं ने एक सुर में कहा, उन्हें बिजली दरों की इस अचानक होने वाली बढ़ोतरी से आजादी चाहिए।

विज्ञापन


सभी हितधारकों ने एक सुर में यूपीसीएल की याचिका अस्वीकार करने की मांग की। आयोग ने इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बुधवार को नियामक आयोग में कार्यवाहक अध्यक्ष एमएल प्रसाद और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की पीठ ने यूपीसीएल की याचिका की स्वीकार्यता पर जनसुनवाई की।
विज्ञापन


यूपीसीएल ने एक अप्रैल से लागू हुई दरों में 8.56 प्रतिशत बढ़ोतरी के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की है। उद्योगपति राकेश भाटिया ने कहा, हर साल बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रावधान है, लेकिन बीच में इसमें बढ़ोतरी का कोई आधार नहीं है। उन्होंने मांग की कि नियामक आयोग इस याचिका पर विचार ही न करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


Independence Day: सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं, गिनाईं सरकार की उपलब्धियां


इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा, नियामक आयोग के अधिनियम की धारा-62 के अंतर्गत साल में केवल एक बार ही याचिका दायर की जा सकती है। पुनर्विचार याचिका केवल नई दरें लागू होने के 60 दिन के भीतर दायर करने का नियम है, जिसे यूपीसीएल ने दरकिनार किया है।

कहा, उत्तराखंड में उद्योगों को बिजली 9.86 रुपये की दर पर मिल रही है, जबकि पंजाब ने 6.25 रुपये, हिमाचल में 5.92 रुपये, दिल्ली में 7.75 रुपये और गुजरात में चार रुपये की दर पर मिलती है। कहा, पुनर्विचार का कोई प्रावधान ही नहीं बचा है। आयोग ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed