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उत्तराखंड : प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों को परीक्षा लेने की छूट, सरकारी स्कूलों में नहीं होंगी गृह परीक्षाएं

Sat, 19 Dec 2020 01:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 19 Dec 2020 01:01 PM IST
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Uttarakhand news : Private schools allowed to take exams, home examinations will not held government schools
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी स्कूलों में इस शिक्षा सत्र नवीं व ग्यारहवीं के बच्चों की गृह परीक्षाएं बेशक नहीं होंगी, लेकिन प्राइवेट स्कूलों को इसकी छूट होगी।

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इस शिक्षा सत्र में गृह परीक्षाएं नहीं होंगी। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक नवीं और ग्यारहवीं के बच्चों की गृह परीक्षाएं होती हैं। लेकिन इस बार ये परीक्षाएं नहीं होंगी और उन्हें बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। हालांकि प्राइवेट स्कूलों को परीक्षा लेने की छूट होगी।
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों के एक से पांचवीं तक के बच्चों की परीक्षाएं नहीं होती हैं, उनको मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाता है। जबकि कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के मासिक टेस्ट के आधार पर उनका मूल्यांकन कर उन्हें प्रोन्नत किया जाता है।
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शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक गृह परीक्षाएं 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं की होती हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए इन बच्चों की गृह परीक्षा नहीं होंगी, सभी बच्चों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाएगा।

शीतकालीन अवकाश घोषित न होने से शिक्षक नाराज

प्राइवेट स्कूलों के मामले में ऐसा नहीं होगा। प्राइवेट स्कूल ऑनलाइन बच्चों को पढ़ा रहे हैं उन्हें परीक्षा लेने की छूट होगी। 
- आर मीनाक्षी सुंदरम, शिक्षा सचिव

कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाता है। वहीं छह से आठवीं तक के बच्चों के मासिक टेस्ट के आधार पर उनका मूल्यांकन होता है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते बच्चों के मासिक टेस्ट संभव नहीं हैं। 
- दिग्विजय चौहान, प्रांतीय अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसे देखते हुए इस बार दसवीं और बारहवीं की कक्षाओं के लिए शीतकालीन अवकाश में कटौती की जा सकती है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ.सोहन माजिला ने कहा कि विभाग की ओर से इस बार शीतकालीन अवकाश घोषित नहीं किया जा रहा है। जिससे शिक्षकों में नाराजगी है।

उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से यह बताया जा रहा है कि कोरोना कि वजह से आठ महीने से अधिक समय तक स्कूल बंद रहे। ऐसे में सर्दियों की छुट्टियों से माध्यमिक स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि विभाग को शीतकालीन अवकाश घोषित करना चाहिए। राजकीय शिक्षक संघ के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा ने कहा कि कोविड-19 ड्यूटी के चलते शिक्षक अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में शीतकालीन अवकाश दिया जाना चाहिए। 

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