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Dehradun News : छठी तक की कक्षाओं को शुरू करने के विरोध व फीस माफी के लिए अभिभावकों ने निकाला मार्च, किया प्रदर्शन
Sat, 06 Feb 2021 11:50 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 06 Feb 2021 11:50 AM IST
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अभिभावकों ने धरना-प्रदर्शन किया गया
- फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड अभिभावक संघ की ओर से तीन महीने की फीस माफी की मांग को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ शनिवार को धरना-प्रदर्शन किया गया। साथ ही छठी तक की कक्षाओं को शुरू करने के फैसले पर विरोध जताया गया।उत्तराखंड अभिभावक संघ के अध्यक्ष रामकुमार सिंघल व मंत्री मनमोहन जायसवाल के अनुसार शनिवार को अभिभावक गांधी पार्क के बाहर एकत्र हुए।
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यहां से डीएम कार्यालय तक मार्च निकाला गया। डीएम को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अभिभावक आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसलिए अप्रैल से जून तक की फीस माफ की जानी चाहिए। इस दौरान कई अभिभावकों को वेतन तक नहीं मिला था। वहीं शासन ने आठ फरवरी से छोटी कक्षाएं शुरू करने को लेकर अभिभावकों की राय तक नहीं जानी। यह फैसला एकतरफा है।
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छोटी कक्षाएं एक घंटा देरी से, बाकी समय पर चलेंगी
शासन की ओर से स्कूल खोले जाने के फैसले के बाद शासकीय, अशासकीय व निजी स्कूलों में छठी व इससे ऊपर की कक्षाएं शुरू करने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्कूल अपने-अपने स्तर पर कक्षाओं के अनुसार छात्रों के प्रवेश व छुट्टी का समय तय करने में जुटे हैं, ताकि भीड़ की स्थिति से बचा जा सके। वहीं, महीनों से बंद पड़ी मिड-डे मील की रसोई को भी चालू करने की तैयारी है।
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शासन की एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) का अध्ययन के बाद अब शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का इंतजार है। वहीं, स्कूलों का मुख्य फोकस कक्षाओं के आने व जाने की समयसारिणी तैयार करने पर है। जिससे छात्रों को व्यवस्थित तरीके से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रवेश दिया जा सके। अधिकांश स्कूल छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों को निर्धारित समय से आधे से एक घंटे देरी से बुलाने के पक्ष में हैं। इनकी छुट्टी भी निर्धारित समय से एक घंटा पहले की जा सकती है। 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को पहले से तय समय पर स्कूल आना होगा।
उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश महामंत्री अवधेश कुमार कौशिक ने बताया कि अधिकांश स्कूल छठी से आठवीं कक्षा को देरी से बुलाने व जल्दी छुट्टी करने के पक्ष में हैं। स्कूल स्तर पर अलग-अलग समय तय किया जा रहा है। एक-दो दिन के भीतर स्कूल समय कर लेंगे। इसके अलावा कक्षाओं को सैनिटाइज किया जा रहा है।
मिड-डे मील की राशि को लेकर असमंजस
शासन की ओर से जारी एसओपी में स्पष्ट है कि नई कक्षाएं शुरू होने पर मिड-डे मील के तहत छात्रों को भोजन भी दिया जाएगा। इसे लेकर स्कूलों में मिड-डे मील को दोबारा शुरू करने की तैयारियां भी चल रही हैं। आठ तारीख को पहले दिन से ही छात्रों को मिड-डे मील के तहत भोजन का लाभ मिलेगा। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि अनुपस्थित छात्रों को राशन की राशि पहले की तरह बैंक खाते में मिलेगी या नहीं। इसे लेकर शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है।