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उत्तराखंड: मुख्यमंत्री के आदेश पर सक्रिय हुए अफसर, हर दिन 10 से 12 बजे तक सुनेंगे जनसमस्याएं
Thu, 29 Jul 2021 08:59 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 29 Jul 2021 08:59 PM IST
सार
बता दें कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिए थे कि जन समस्याओं का समाधान तहसील, ब्लाक और जिला स्तर पर हो।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश के बाद प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी एक्टिव मोड में आ गई है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने आयुक्त गढ़वाल एवं कुमाऊं, समेत सभी जिलाधिकारियों एवं तहसील एवं विकास खंड अधिकारियों को आदेश दिए कि वे प्रत्येक कार्यदिवस पर सुबह 10 से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालयों में रहेंगे और जनता की समस्याओं की सुनवाई करेंगे। उन्होंने प्रत्येक मंगलवार को तहसील दिवस आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ताकीद किया कि तहसील दिवसों पर सक्षम अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
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बता दें कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिए थे कि जन समस्याओं का समाधान तहसील, ब्लाक और जिला स्तर पर हो। उन्होंने हिदायत दी थी कि जिन समस्याओं का समाधान तहसील, ब्लाक या जिला स्तर पर होना है, उनके लिए यदि जनता को सचिवालय के चक्कर काटने पड़े तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह होगा। बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव ने जनसंवाद एवं जन समस्याओं के समाधान के निर्देश जारी किए।
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उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे जन समस्याओं को गंभीरता से लें। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी मंडल, तहसील, विकासखंड स्तरीय कार्यालयों के कार्यालयाध्यक्ष प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जन संपर्क एवं जन समस्याओं के समाधान के लिए अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने इस समय अवधि में कोई अन्य बैठक न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपरिहार्य कारणों से व्यक्तिगत उपलब्धता संभव न होने की दशा में अन्य सक्षम प्राधिकारी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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शिष्टता से सुने, समयबद्ध हो समाधान
उन्होंने जनसंपर्क के दौरान भेंट करने वाले व्यक्तियों के प्रति शिष्टाचारपूर्वक समस्याओं एवं विषयों को गंभीरता से सुनने और उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक समाधान के निर्देश दिए।
तहसील दिवस पर उपस्थित रहना अनिवार्य
मुख्य सचिव ने तहसील स्तर पर प्रत्येक माह प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को तहसील दिवस आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व में प्रचलित व्यवस्था, जो कि कोविड के कारण स्थगित हो गई थी, को पुन: प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस के दौरान, उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य विभागों के तहसील स्तरीय सक्षम अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। तहसील दिवस के अवसर पर कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए।
हर महीने का रिपोर्ट कार्ड बनेगा
मंडलायुक्त और जिलाधिकारी शासन को मासिक रिपोर्ट भेजेंगे। मंडल, जिला, तहसील और विकासखंड मुख्यालय व तहसील दिवसों की जनसमस्याओं पर कार्रवाई और उनके परिणाम का रिपोर्ट कार्ड बनेगा। यह रिपोर्ट हर महीने मुख्य सचिव को भेजना होगा। जिन समस्याओं के समाधान में समय लगना संभावित होगा, उसके बारे में औचित्यपूर्ण ढंग से अगले तहसील दिवस पर इसके निदान के प्रयास किए जाएंगे।
जिलाधिकारी भी तहसील दिवसों में लेंगे भाग
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को भी रैंडम आधार पर तहसील दिवसों पर भाग लेने के निर्देश दिए।