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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में अगले सत्र से जनरल सर्जरी में पीजी मान्यता नहीं
Tue, 22 Dec 2020 12:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
राजीव शुक्ला, अमर उजाला, हल्द्वानी
राजीव शुक्ला, अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 22 Dec 2020 12:26 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में अगले सत्र से पीजी (जनरल सर्जरी) में दाखिले नहीं होंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने जनरल सर्जरी की पीजी की नौ सीटों पर मान्यता देने से इनकार कर दिया है।
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जनरल सर्जरी विभाग में पीजी कोर्स कुमाऊं विवि की संबद्धता के साथ शुरू किया गया था। जनरल सर्जरी विभाग में पीजी की चार सीटों पर कुमाऊं विवि ने मान्यता दी थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी ने जनरल सर्जरी में पांच और पीजी सीटों की मान्यता के लिए आवेदन किया था।
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने जून में मान्यता के लिए निरीक्षण किया था। टीम ने 26 जून 2020 को अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में साफ कहा है कि विभाग में तीन असिस्टेंट प्रोफेसर और तीन सीनियर रेजीडेंट की कमी है। साथ ही किसी भी संकाय सदस्य ने निरीक्षण के समय पब्लिकेशन से संबंधी कोई विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इसे देखते हुए एमसीआई ने अगले सत्र के लिए जनरल सर्जरी की पीजी की नौ सीटों के लिए मान्यता देने से इनकार कर दिया।
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एमसीआई ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को लिखे पत्र में साफ कहा है कि वर्तमान बैच के अलावा अगर पीजी की सीट पर दाखिला दिया गया तो वह पूरी तरह से अवैध होगा। साथ ही डिग्री को मान्यता नहीं दी जाएगी। हालांकि, एमसीआई ने 30 दिन के भीतर कमियों को दूर करते हुए निरीक्षण के लिए पुन: आवेदन करने को कहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के विभिन्न विभागों में सीनियर रेजीडेंट की भी 15 से 18 प्रतिशत तक कमी है।
इन विभागों में हैं कमी
09 प्रोफेसर की जरूरत : बायोकेमिस्ट्री, ईएनटी, पीडियाट्रिक्स, पैथोलॉजी, टीबी एवं चेस्ट, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी।
13 एसोसिएट प्रोफेसर की जरूरत : फोरेंसिक मेडिसिन, कम्यूनिटी मेडिसिन, डरमाटालॉजी, रेडियोलॉजी, साइकेट्री, जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, ऑब्स एंड गायनी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थीसियोलॉजी।
14 असिस्टेंट प्रोफेसर की जरूरत : जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑब्स एंड गायनी, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी।
रेडियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री पहले ही हो चुके हैं बंद
राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के रेडियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री विभाग में वर्ष 2019 से पीजी की सीटों पर प्रवेश बंद है। दोनों विभागों में फैकल्टी की कमी और संसाधन पूरे न होने के कारण एमसीआई ने पीजी सीटों की मान्यता वर्ष 2019 में रद्द कर दी थी। रेडियोलॉजी विभाग में पीजी की दो और बायोकेमिस्ट्री विभाग में पीजी की एक सीट थी। तब से अब तक फैकल्टी की कमी पूरी नहीं हो सकी है। हाल ही में फैकल्टी की कमी को देखते हुए पैथोलॉजी विभाग की पीजी की दो सीटों पर मान्यता पर आपत्ति लगा रखी है। ईएनटी की पीजी की दो सीटों पर भी आपत्ति लगी हुई है।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने जनरल सर्जरी विभाग की पीजी की नौ सीटों पर मान्यता नहीं दी है। एमसीआई ने जो कमियां बताईं हैं उनको दूर करके मान्यता लेने का प्रयास किया जाएगा। कमियों को पूरा करके 30 दिन के भीतर रिपोर्ट भेजनी है। ईएनटी और पैथोलॉजी विभाग की सीटों की मान्यता के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी