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उत्तराखंड: नवजात बेटी बनी जीने का सहारा, दी जाएगी 15 हजार रुपये की मासिक आर्थिक मदद
Fri, 06 Aug 2021 03:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 06 Aug 2021 03:46 PM IST
सार
महिला के पति की कोविड से मौत हो गई। पति का देहांत के पांच दिन बाद ही महिला ने बेटी को जन्म दिया। बेटी ही महिला के जीने का सहारा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की ब्रांड एंबेसडर डॉ. मनु शिवपुरी की पहल से देहरादून निवासी एक विधवा की मदद के लिए दून की दंपती ने हाथ बढ़ाया है। दंपती की ओर से महिला को घर चलाने और परिवार का भरण पोषण करने के लिए 15 हजार रुपये मासिक आर्थिक मदद दी जाएगी।
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महिला के पति की कोविड से मौत हो गई। पति का देहांत के पांच दिन बाद ही महिला ने बेटी को जन्म दिया। बेटी ही महिला के जीने का सहारा है।
डॉ. मनु शिवपुरी के मुताबिक देहरादून निवासी महिला के पति की 2 जून को कोविड से मौत हो गई। 7 जून को महिला ने बेटी को जन्म दिया। उसका पहले से एक बेटा है, जो पोलियो से ग्रसित है। माता-पिता वृद्ध हैं।
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डॉ. शिवपुरी के मुताबिक महिला से जब संपर्क किया तो वह अस्पताल में भर्ती थीं। पति की मौत से महिला पूरी तरह टूट चुकी थी। महिला की आर्थिक मदद के लिए देहरादून के स्पोर्ट्स क्लब के अरविंद कुमार गुप्ता से बातचीत की।
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देहरादून की मित्तल दंपती ने विधवा की मदद के लिए प्रतिमाह 15 हजार रुपये खर्च उठाने की हामी भर दी। डॉ. मनु शिवपुरी ने बताया कि मदद करने वाली दंपती ने अपना नाम सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।
मनु शिवपुरी ने बताया कि पीड़ित महिला के बारे में उनको मीनाक्षी कपूर ने जानकारी दी थी। अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि अमर उजाला के अपनत्व अभियान से भी इस महिला के बारे में जानकारी मिली थी और उसके बाद उसकी मदद के प्रयास शुरू किए थे।