फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news : Nainital High court seeks notice to PCCF and Chief Wildlife Guardian

नैनीताल : हाईकोर्ट ने पीसीसीएफ और मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को नोटिस, मांगा जवाब

Thu, 10 Dec 2020 09:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 10 Dec 2020 09:02 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand news : Nainital High court seeks notice to PCCF and Chief Wildlife Guardian
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : file photo

हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में शूटिंग आदि खेल के लिए दिए गए हथियारों के लाइसेंस वाले दूसरे राज्यों के शिकारियों को आदमखोर बाघ अथवा गुलदार को मारने के लिए बुलाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद प्रमुख वन संरक्षक (पीसीसीएफ) और उत्तराखंड के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


कोर्ट ने पूछा है कि वन विभाग स्थानीय परिस्थितियों में वाकिफ अपने कर्मचारियों को इसके लिए वैध लाइसेंस क्यों नहीं देता। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विज्ञापन


दिल्ली निवासी संगीता ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड में आदमखोर घोषित हो चुके टाइगर, लैपर्ड को मारने के लिए यूपी, तेलंगाना सहित अन्य राज्यों से निशानेबाज बुलाए जा रहे हैं। याचिका में कहा कि स्थानीय परिस्थितियों से वाकिफ नहीं होने की वजह से ये शिकारी आदमखोर के बजाए दूसरे बाघ तक को मौत के घाट उतार रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनको निशानेबाजी खेल के लिए हथियार का लाइसेंस दिया गया है। इन्हें जंगल या वन्यजीव के बारे में कुछ जानकारी नहीं होती। याचिका में वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने व आदमखोर बाघ या लैपर्ड मारने के लिए नियुक्त करने की मांग की गई थी, ताकि बाहरी राज्यों के शिकारियों पर हो रहे लाखों के खर्च से भी बचा जा सके।


पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रमुख  वन संरक्षक व उत्तराखंड के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि वन विभाग स्थानीय परिस्थितियों में वाकिफ अपने कर्मचारियों को इसके लिए वैध लाइसेंस क्यों नहीं देता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed