{"_id":"603e65f1866a646e792a21bf","slug":"uttarakhand-news-mla-mahendra-bhati-murder-case-next-hearing-in-high-court-on-march-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: विधायक भाटी हत्याकांड में 16 मार्च को होगी हाईकोर्ट में अगली सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: विधायक भाटी हत्याकांड में 16 मार्च को होगी हाईकोर्ट में अगली सुनवाई
Thu, 18 Mar 2021 08:35 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 18 Mar 2021 08:35 PM IST
सार
- यूपी के पूर्व सांसद डीपी यादव समेत चार ने उम्रकैद की सजा को दी है चुनौती
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट में आज विधायक महेंद्र भाटी हत्याकांड में यूपी के बाहुबली नेता व पूर्व सांसद डीपी यादव और तीन अन्य की ओर से सीबीआई कोर्ट देहरादून के आजीवन कारावास के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार 13 सितंबर 1992 को गाजियाबाद के विधायक महेंद्र भाटी की हत्या हो गई थी।
विज्ञापन
मामले में डीपी यादव, परनीत भाटी, करन यादव व पाल सिंह उर्फ लक्कड़ पाला पर हत्या के आरोप लगे थे। मामले में पक्षों की सुनवाई के बाद 15 फरवरी 2015 को देहरादून की सीबीआई कोर्ट ने चारों हत्यारोपियों पर दोष सिद्ध कर सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
इस आदेश को चारों अभियुक्तों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। प्रकरण पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तिथि नियत की। सभी अभियुक्त अभी जेल में हैं। अभी तक किसी को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली है।
बता दें कि गाजियाबाद के ब्लॉक प्रमुख रहे महेंद्र सिंह भाटी के सहयोग से डीपी यादव ने 1970 में शराब का कारोबार शुरू किया था। यादव के खिलाफ पहला आपराधिक मामला 1979 में गाजियाबाद के कविनगर थाने में दर्ज किया गया।
उसके बाद डीपी यादव की क्राइम कुंडली लंबी होती चली गई। हत्या के प्रयास के तीन, डकैती के दो, अपहरण और फिरौती के कई मामलों समेत, उत्पादन शुल्क एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हुए। यही नहीं, उस पर गैंगस्टर, आतंकी और विघटनकारी गतिविधियों के मामले में भी केस दर्ज हुए।
उसके खिलाफ गाजियाबाद, मोदीनगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बदायूं समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। इसके साथ ही हरियाणा के जींद और सिरसा में भी उसका खौफ बढ़ा।