उत्तराखंड: मंत्री रेखा आर्य बोलीं, शिवालयों में जलाभिषेक के पत्र पर भ्रांतियां फैला रहा विपक्ष
मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विपक्ष पत्र पर भ्रांतियां फैला रहा है जबकि पत्र में कहीं पर भी यह नहीं कहा गया कि यदि कोई शिवालयों में जलाभिषेक नहीं करेगा तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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शिवालयों में जलाभिषेक से संबंधित पत्र को लेकर विवादों में आई कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने सोमवार को सफाई दी। उन्होंने पत्र और उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। विवाद के लिए उन्होंने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। कहा, विपक्ष पत्र पर भ्रांतियां फैला रहा है जबकि पत्र में कहीं पर भी यह नहीं कहा गया कि यदि कोई शिवालयों में जलाभिषेक नहीं करेगा तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह सभी लोगों की स्वेच्छा है कि वे अपने नजदीकी शिवालयों में जलाभिषेक करें या न करें।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री ने अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ भ्रांति फैलाना है। जिसे अच्छाई में भी बुराई नजर आ रही है। विपक्ष का काम अच्छाई में भी बुराई ढूंढने का है। मंत्री ने कहा कि उनकी ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर लिया गया संकल्प पवित्र है। जिसमें कहीं न कहीं लैंगिक असमानता को समानता की ओर लाने पर कार्य किया जा रहा है।
मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि उनकी यह कोशिश है कि जब उत्तराखंड अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा तब देवभूमि में लिंगानुपात हजार बालकों पर हजार बालिकाओं का हो। आज अपनी 25 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा को लेकर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उनकी तरफ से समाज के सभी लोगों को इस पुनीत कार्य मे भागीदारी बनने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस कांवड़ यात्रा के जरिये उनकी कोशिश है कि समाज में बेटियों के प्रति जो भेदभाव की सोच है, उसे खत्म किया जाए। उत्तराखंड जिसे की हम देवभूमि कहते हैं, वहां बेटियों को देवी के समान अधिकार मिले और वह भी समाज में लड़कों के बराबर खड़ी हो सकें।
बेटी बचाओ को लेकर साइकिल यात्रा का भी किया था विरोध
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि कुछ लोगों के पास कोई काम नहीं हैं। उनकी ओर से वर्ष 2017 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर साइकिल यात्रा निकाली गई थी। उस दौरान भी कांग्रेस के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था। जबकि अब बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है, इसका भी कांग्रेस के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।
हर की पैड़ी से वीरभद्र महादेव मंदिर ऋषिकेश तक पैदल यात्रा
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक एसके सिंह ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को गति देने के लिए पावन शिवरात्रि पर 26 जुलाई को कांवड़ यात्रा निर्णय लिया गया है। इस कांवड़ यात्रा का संकल्प है मुझे भी जन्म लेने दो, शिव के माह में शक्ति का संकल्प। यात्रा हर की पैड़ी से वीरभद्र महादेव मंदिर ऋषिकेश तक निकलेगी।