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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : उत्तराखंड में महिलाओं को भूमिधरी अधिकार देने को बनेगा कानून
Thu, 17 Dec 2020 01:09 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 17 Dec 2020 01:09 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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महिला को भूमिधरी का अधिकार देने के लिए सरकार अब कानून बनाएगी। प्रदेश सरकार इसी विधानसभा सत्र में इससे संबंधित विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।
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महिलाओं को भूमिधरी का अधिकार देने का फैसला कुछ समय पहले ही प्रदेेश सरकार ने कैबिनेट में किया था। सरकार का मानना है कि इससे करीब 37 लाख महिलाओं को फायदा होगा। यह किस तरह से होगा, खातेदार किस तरह से महिलाओं को बनाया जाएगा, इन सारे सवालों को जवाब खोजने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि इस मामले को कानून की शक्ल देना ही बेहतर होगा।
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महिलाओं को बैंक से लोन, बेटियों को संपत्ति का हक
मामला अप्रैल माह में मुख्यमंत्री की ओर से एक समारोह में घोषणा किए जाने से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री के मुताबिक मुख्य रूप से पर्वतीय जिलों में पलायन के कारण पुरुषों की संख्या कम हो गई । चूंकि जमीन पुरुषों के ही नाम है, ऐसे में महिलाओं को बैंक लोन नहीं मिल पाता। इस स्थिति को देखते हुए ही महिलाओं को सहखातेदार बनाने का विचार किया जा रहा है।
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नवंबर माह में हुई कैबिनेट में पास हुआ था प्रस्ताव
महिलाओं को सह खातेदार बनाने या उन्हें भूमि का मालिकाना हक देने का प्रस्ताव नवंबर माह में आयोजित बैठक में पारित हुआ था। मामले की पेचीदगी को देखते हुए कैबिनेट ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिव राजस्व और न्याय को शामिल करते हुए कमेटी बनाई थी। कमेटी इस मामले को लेकर एक बार बैठक कर भी चुुकी है।