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Uttarakhand: बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध कटान...पुरोला में कार्रवाई के आदेश जारी, चकराता पर चुप्पी

Sat, 19 Aug 2023 02:30 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून/विकासनगर/पुरोला
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून/विकासनगर/पुरोला Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 19 Aug 2023 02:30 AM IST
सार

पुरोला तहसील में सांद्रा रेंज, देवता रेंज और कोटिगाड़ रेंज में हुई जांच में बड़ी संख्या में देवदार और कैल के हरे पेड़ाें को काटे जाने की पुष्टि हुई है।

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Uttarakhand News Large scale illegal felling Orders issued for action in Purola But silence on Chakrata
पेड़ काटे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर जंगल काटे जा रहे हैं। चकराता में करीब तीन साल से संरक्षित प्रजाति के देवदार और कैल जैसे हरे पेड़ काटे जा रहे थे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। हर रोज सैकड़ों स्लीपर बरामद हो रहे हैंै, लेकिन वन विभाग पूरे मामले में लीपापोती में जुटा है। उधर, पुरोला में अवैध कटान पर कई अधिकारी-कर्मियों पर कार्रवाई के आदेश जारी हो गए हैं।

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पुरोला तहसील में सांद्रा रेंज, देवता रेंज और कोटिगाड़ रेंज में हुई जांच में बड़ी संख्या में देवदार और कैल के हरे पेड़ाें को काटे जाने की पुष्टि हुई है। अब वन मुख्यालय ने डीएफओ, एसडीओ, वन क्षेत्राधिकारियों सहित कई कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिख दिया है। इसके अलावा, वन विकास निगम के आठ से 10 अधिकारी-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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Uttarakhand: पेड़ों के अवैध कटान को लेकर बड़ा खुलासा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं वन तस्करों के तार
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उधर, चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में पुरोला की तुलना में बहुत बड़े स्तर पर अवैध कटान का मामला सामने आया है। यहां देवदार और कैल के करीब 3800 स्लीपर बरामद हो चुके हैं। तलाशी अभियान अभी भी जारी है। प्रकरण के खुलासे के वक्त वन विभाग ने संरक्षित वन क्षेत्र से देवदार के सिर्फ सात पेड़ों के कटान की पुष्टि कर कनासर रेंज के वन दरोगा और एक वनरक्षक को निलंबित करने के अलावा रेंजर को कार्यालय से अटैच कर दिया था। इसके बाद से चल रहे छापों में बड़ी संख्या में स्लीपर मिलने का सिलसिला आज तक जारी है।

पुरोला में 108 हरे पेड़ों पर चला दी आरी

पुरोला मामले की जांच में सामने आया है कि वन विकास निगम की ओर से यहां 788 सूखे पेड़ों का छपान किया गया था, जबकि ठेकेदार ने इनकी आड़ में 108 दूसरे हरे पेड़ (14 प्रतिशत अतिरिक्त) काट दिए। सांद्रा रेंज में आवंटित 42 वृक्षों की आड़ में 21 पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया गया। वहीं देवता रेंज में आवंटित 409 पेड़ों की आड़ में 20 पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया गया। इसके अलावा कोटीगाड़ रेंज में आवंटित 337 पेड़ों की आड़ में 67 पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया गया।

चकराता में 3800 स्लीपर, 550 फट्टे मिले

चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में अभी तक देवदार और कैल के 3800 स्लीपर और 550 फट्टे बरामद हो चुके हैं। तलाशी अभियान अभी जारी है। इतने बड़े पैमाने पर लकड़ी बरामद होने से फिलहाल करीब एक हजार पेड़ों के कटान की आशंका जताई जा रही है। आगे स्लीपर की संख्या बढ़ने से यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता है। यह मामला सबसे पहले वरिष्ठ भाजपा नेता रामशरण नौटियाल के फेसबुक अकाउंट पर जुलाई में डाले गए एक वीडियो से सामने आया था। तब से तलाशी अभियान जारी है।

पुरोला के टोंस वन प्रभाग और चकराता की कनासर रेंज में हरे पेड़ों के अवैध कटान के मामले में प्रमुख वन संरक्षक को सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। दोनों ही मामलों में जिन भी अधिकारियों या फिर कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाएगी, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
-सुबोध उनियाल, वन मंत्री

पुरोला के मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज के मामले में डीएफओ से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल वहां रिकवरी की कार्रवाई जारी है।
-अनूप मलिक, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ)

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