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Uttarakhand: आपदा से सबसे अधिक अवसंरचना क्षेत्र को हुआ नुकसान, केंद्र को भेजी 15 हजार करोड़ से अधिक की रिपोर्
Mon, 12 Jan 2026 11:27 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:27 PM IST
सार
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से तैयार रिपोर्ट में आपदा से होने वाले नुकसान का आकलन किया गया है।
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आपदा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राज्य में मानसून के समय आयी आपदा से भारी क्षति पहुंची है। आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र को पोस्ट डिजास्टर नीड (पीडीएनए) के तहत सेक्टर के अनुसार नुकसान के आकलन की रिपोर्ट भेजी है। इसमें बताया गया है कि प्राकृतिक आपदा से अवसंरचना क्षेत्र जिसमें सड़क, पेयजल आपूर्ति आदि शामिल है, उनको काफी नुकसान पहुंचा है।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से तैयार रिपोर्ट में आपदा से होने वाले नुकसान का आकलन किया गया है। इसी रिपोर्ट को एनडीएमए को भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, जो रिपोर्ट तैयार हुई है, उसमें अवसंरचना क्षेत्र (सड़क, पेयजल तथा ऊर्जा का क्षेत्र शामिल) में सबसे अधिक क्षति होने का आकलन किया गया है।
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आपदा से 6225 करोड़ का नुकसान हुआ है। आपदा के कारण हाउसिंग के अलावा विद्यालय से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा है। सोशल सेक्टर के इन क्षेत्रों में 4966 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची। इसके अलावा कृषि, बागवानी, पशु पालन, मत्स्य, पर्यटन, वन एवं पर्यावरण है, इसमें 893 करोड़ रुपये की क्षति होने का आकलन किया गया है।
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इसके अलावा भविष्य में आपदाओं के जोखिम कम करने के तहत भी काम करने की योजना है। इसके तहत 3017 करोड़ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन के लिए भी मांगा। अलग-अलग मद में कुल 15101 करोड़ की क्षति का आकलन किया गया है। इस राशि के मिलने के बाद पुनर्निर्माण आदि काम हो सकेगा। आपदा प्रबंधन विभाग ने पीडीएनए रिपोर्ट भेजने की पुष्टि की है।