{"_id":"61e79d5dba526267fd3668b3","slug":"uttarakhand-news-in-republic-day-parade-2022-the-tableau-of-dobra-chanthi-bridge-will-be-seen","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: गणतंत्र दिवस परेड में इस बार राजपथ पर नजर आएगी देवभूमि के डोबरा-चांठी पुल की झांकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: गणतंत्र दिवस परेड में इस बार राजपथ पर नजर आएगी देवभूमि के डोबरा-चांठी पुल की झांकी
Wed, 19 Jan 2022 10:42 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 19 Jan 2022 10:42 AM IST
सार
देवभूमि उत्तराखंड की झांकी में गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब को सबसे आगे। इसके बाद टिहरी बांध फिर डोबरा चांठी पुल और इसके बाद करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान बद्रीविशाल के मंदिर को दर्शाया जाएगा।
विज्ञापन
डोबरा चांठी पुल
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर होने वाली परेड में इस बार देवभूमि उत्तराखंड की झांकी नजर आएगी। जिसमें सिखों के प्रमुख तीर्थ हेमकुंड साहिब, टिहरी डैम, डोबरा चांठी पुल और भगवान बद्रीविशाल के मंदिर की भव्यता एवं दिव्यता को दर्शाया जाएगा।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान के मुताबिक देवभूमि उत्तराखंड की झांकी में गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब को सबसे आगे। इसके बाद टिहरी बांध फिर डोबरा चांठी पुल और इसके बाद करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान बद्रीविशाल के मंदिर को दर्शाया जाएगा।
विज्ञापन
कुमाऊं सांस्कृतिक लोककला दर्पण लोहाघाट चंपावत के 16 लोगों का सांस्कृति दल झांकी के साथ चलता नजर आएगा। चौहान के मुताबिक राज्य गठन के बाद से अब तक 13 बार उत्तराखंड की झांकी का चयन हो चुका है।
विज्ञापन
राजपथ पर कब-कब नजर आई उत्तराखंड की झांकी
नोडल अधिकारी केएस चौहान के मुताबिक राज्य गठन के बाद से अब तक 12 बार वर्ष 2003 में फूलदेई, 2005 में नंदा राजजात यात्रा, 2006 में फूलों की घाटी, 2007 में कार्बेट नेशनल पार्क, 2009 में साहसिक पर्यटन, 2010 में कुंभ मेला, 2014 में जड़ी बूटी, 2015 में केदारनाथ धाम पुनर्निमाण, 2018 में ग्रामीण पर्यटन, 2019 में अनासक्ति आश्रम कौसानी, 2021 में केदारनाथ धाम की झांकी नजर आई।