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मुनस्यारी : मंगलवार को सुबह बरामद किए गए 03 शव, अब तक 06 लोगों की मौत, 08 लापता

Tue, 21 Jul 2020 02:32 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 21 Jul 2020 02:32 PM IST
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Uttarakhand Weather News: Heavy Rain In Pithoragarh, Many House Damaged, Many People Missing
तीन लोगों के लापता होने की खबर - फोटो : amar ujala

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 93 किलोमीटर दूर बंगापानी तहसील के टांगा और गैला गांव में रविवार देर रात हुई अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचाई। पहाड़ी से पानी के उफान के साथ हुए भूस्खलन के कारण कई घर जमींदोज हो गए। गैला गांव में दंपती और बेटी की मौत हो गई। पांच लोग घायल हैं। टांगा मुनियाल गांव में 11 लोग लापता थे।

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जिनमें से एक महिला और दो पुरुषों के शव मंगलवार को सुबह बरामद किए गए। सर्चिंग में गणेश सिंह धामी, उनकी पत्नी हीरा देवी व माधो सिंह पुत्र चंद्र सिंह का शव बरामद किया गया है। यहां भी तीन मकान ध्वस्त हुए हैं। टांगा के ऊपर पहाड़ी पर 100 से अधिक दरारें पड़ी हैं।
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पूरे गांव का वजूद संकट में आ गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम सोमवार को मौके पर पहुंच गई। गैला में तीनों शवों को मलबे से निकाल लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यह तबाही बादल फटने से हुई है, जबकि एडीएम आरडी पालीवाल के अनुसार बादल नहीं फटा बल्कि अतिवृष्टि के कारण जन-धन का नुकसान हुआ है।

 टांगा गांव बंगापानी से सात किलोमीटर और गैला गांव 12 किलोमीटर दूर है। रविवार को रात 12 बजे बाद इलाके में जबर्दस्त बारिश हुई। ऊपर पहाड़ी से गरज के साथ पानी इकट्ठा होकर नीचे गांव की ओर बह चला। इससे कमजोर पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया। पानी के साथ आया मलबा रास्ते में पड़ने वाले घरों को जमींदोज करता हुआ खेतों में पट गया। घनघोर बारिश और घुप अंधेरे में लोग अपना बचाव भी नहीं कर सके। इन गांवों के रास्तों का नामोनिशान मिट गया है। पहाड़ियां लगातार दरक रही हैं। विधायक हरीश धामी मौके पर हैं। वह खुद और प्रशासन की टीम लोगों को सुरक्षित स्थान स्थानों पर ले जाने का काम कर रही है।  

पूरा गांव ही जैसे रोखड़ में तब्दील हो गया

टांगा गांव के निवासी हरीश के अनुसार रात आठ बजे से बारिश शुरू हो गई थी। रात करीब 12 बजे तेज आवाज के साथ पहाड़ी से मलबा गिरना शुरू हो गया। तीन मकान मलबे की चपेट में आ गए।

तेज आवाज सुनकर लोग घरों से निकले और मलबे की चपेट में आए मकानों की और बढ़े लेकिन फिर से भूस्खलन शुरू हो जाने के कारण आगे नहीं बढ़ सके। इन तीन मकानों में तीन परिवारों के 12 लोग थे।

एक घायल को पिथौरागढ़ जिला अस्पताल भेजा गया है। गांव में फसल से लहलहाते खेत मलबे से पट गए हैं। पूरा गांव ही जैसे रोखड़ में तब्दील हो गया है। इस गांव में 32 परिवारों के करीब 250 लोग रहते हैं। गैला गांव में एक ही परिवार के शेर सिंह (50) पुत्र रतन सिंह, गोविंदी देवी (45) पत्नी शेर सिंह, ममता (24) पुत्री शेर सिंह की मौत हो गई। हादसे में पांच लोग आंशिक रूप घायल हो गए, जिनका उपचार किया जा रहा है।

टांगा गांव के ये लोग हैं लापता

जीत राम पुत्र हुड़किया राम, पार्वती देवी पत्नी जीत राम, रोशन कुमार पुत्र जीत राम, तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह, दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह ,कुमारी लक्की पुत्री गणेश सिंह, पुष्पा देवी पत्नी भीम सिंह, प्रतिमा देवी पत्नी खुशाल सिंह हैं। एक व्यक्ति नंदन सिंह घायल हो गए हैं। 

मदकोट के बाता में दो मकान ध्वस्त
मदकोट के बाता गांव में मूसलाधार बारिश के कारण दो मकान ध्वस्त हो गए। दोनों परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।  भारी बारिश के कारण सिरतोला के तीन मकानों में मलबा घुस गया। जिसमें सभी लोग सुरक्षित हैं। मौके पर राहत टीम राहत कार्य चला रही है। 

रात भर खौफ के साये में गुजारी सीमांत के लोगों ने रात
मुनस्यारी, धारचूला में डरावनी आवाज के साथ हुई बारिश के चलते लोगों की पूरी रात खौफ में कटी। टांगा गांव के गोविंद सिंह और धरम सिंह का कहना है कि भारी बारिश के कारण रात भर ग्रामीणों दहशतजदा रहे। गांव में जगह- जगह भूस्खलन और बिजली कड़कने की आवाजों से पूरा गांव दहशत में रहा और ऊपर वाले को याद करते हुए रात किसी तरह जागकर काटी। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की गुहार लगाई है। 

बुंगबुंग में भी बारिश से नुकसान

उधर, धारचूला में जौलजीबी में गोरी और महाकाली नदी का जल स्तर बढ़ने से संगम से लेकर दांतु खेड़ा के नदी किनारे रहने वाले पांच परिवारों के लोग सहम गए। इन परिवारों ने पूरी रात जागकर बिताई।

बुंगबुंग में भी बारिश से नुकसान हुआ है। मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में आपदा को देखते डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बंगापानी पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को दो टीमों का गठन कर क्षति का आकलन कर आज रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। बागेश्वर में जिले की पांच सड़कों में मलबा गिरने से यातायात बाधित है। सड़कों के बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

शनिवार रात भारी बारिश ने जमकर बरपाया था कहर

मुनस्यारी और बंगापानी क्षेत्र में शनिवार रात भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया था। गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से छोरीबगड़ गांव के पांच मकान बह गए थे। मुनस्यारी के धापा गांव में भूस्खलन के दौरान अपनी मां के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जा रहा पांच साल का बच्चा भी बह गया था।

स्थानीय लोगों ने उसे 200 मीटर नीचे जाकर बचा लिया। फिलहाल उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर बना मोटर पुल भी बह गया। मुनस्यारी-थल और मुनस्यारी-जौलजीबी सड़कों के बंद होने से मुनस्यारी का संपर्क कटा हुआ है।

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