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Medical College Srinagar: रैगिंग करने पर सात सीनियर छात्र तीन महीने के लिए निलंबित, छात्रावास से भी निकाला
Mon, 14 Nov 2022 07:28 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर गढ़वाल
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर गढ़वाल
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 14 Nov 2022 07:28 PM IST
सार
जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने छात्रावास में रैगिंग होने की शिकायत एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के पोर्टल में की थी। छात्र का आरोप था कि 11 नवंबर की रात छात्रावास-3 में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की रैगिंग ली है।
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रैगिंग
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
वीर चंद्र सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की रैगिंग करने पर सात सीनियर छात्रों को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा सातों को हॉस्टल से स्थायी रूप से निकाल दिया गया है।
जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने छात्रावास में रैगिंग होने की शिकायत एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के पोर्टल में की थी। छात्र का आरोप था कि 11 नवंबर की रात छात्रावास-3 में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की रैगिंग ली है। एनएमसी की ओर से सूचना मिलने पर प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने शिकायत की जांच के लिए एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक ली। रविवार को दोबारा प्राचार्य ने कमेटी की बैठक लेते हुए घटनाक्रम की जानकारी ली।
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जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने छात्रावास में रैगिंग होने की शिकायत एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के पोर्टल में की थी। छात्र का आरोप था कि 11 नवंबर की रात छात्रावास-3 में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की रैगिंग ली है। एनएमसी की ओर से सूचना मिलने पर प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने शिकायत की जांच के लिए एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक ली। रविवार को दोबारा प्राचार्य ने कमेटी की बैठक लेते हुए घटनाक्रम की जानकारी ली।
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कमेटी ने पीड़ित छात्र के आरोप में सत्यता पाई। इसके बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने एमबीबीएस बैच 2019 के पांच और 2020 बैच के दो छात्रों को तीन माह के लिए शैक्षणिक गतिविधियों से निलंबित कर दिया। इसके अलावा सातों छात्रों को छात्रावासों से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया। कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि 11 नवंबर की रात छात्रावास बदलते हुए कुछ सीनियर छात्रों की 2021 बैच के छात्रों से बहस हो गई। 12 नवंबर को मामला संज्ञान में आया। जांच कमेटी की संस्तुति के आधार पर यह मामला रैगिंग का माना गया। इसके बाद निलंबन और निष्कासन की कार्रवाई की गई।