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उत्तराखंड: वन निगम कर्मियों का ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आज, 90 दिनों से धरने पर बैठे हैं कर्मचारी

Mon, 08 Nov 2021 12:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 08 Nov 2021 12:22 PM IST
सार

वन विकास निगम कर्मचारी संघ से जुड़े सदस्य 90 दिनों से धरने पर बैठे हैं। ऑडिट आपत्तियों सहित तमाम दूसरी मांगों को लेकर उक्त कर्मचारी आंदोलित हैं।

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uttarakhand news: forest corporation workers employee ghera dalo dera dalo today
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले 90 दिनों से अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे वन विकास निगम कर्मचारी संघ ने आंदोलन तेज करने का एलान किया है। सोमवार (आज) से कर्मचारी वन निगम के मुख्यालय अरण्य विकास भवन में ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन के तहत बोरिया-बिस्तर लेकर बैठेंगे। इसके अलावा प्रतिदिन शाम को कैंडल मार्च निकाला जाएगा। रविवार को आयोजित कर्मचारी संघ की प्रांतीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।

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90 दिनों से धरने के माध्यम से शांतिपूर्वक कर रहे आंदोलन
संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष टीएस बिष्ट ने कहा कि कर्मचारी लगातार 90 दिनों से धरने के माध्यम से शांतिपूर्वक अपना आंदोलन चला रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर उनकी कई मांगें अब भी लटकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि ऑडिट आपत्तियों की रिपोर्ट से पहले ही कार्मिकों के वेतन से कटौती और सेवानिवृत्त के देयकों को रोकना न्याय विरुद्ध है।
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शासन को सारी सूचनाएं भेजी गईं
उन्होंने कहा वर्तमान प्रबंध निदेशक की ओर से शासन को सारी सूचनाएं भेजी गई हैं। इससे स्पष्ट है कि कार्मिकों के साथ ज्यादती हुई है। बिष्ट ने कहा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आधार पर वर्ष 1985 से दैनिक आधार पर कार्य करने वाले कार्मिकों का वर्ष 1991 से वेतन निर्धारित कर एसीपी की सुविधा अनुमन्य की गई थी। लेकिन ऑडिट न्यायालय के आदेशों को बिना जाने वेतन निर्धारण पर आपत्ति लगा दी, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना भी है।

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बैठक की अध्यक्षता कर रहे संघ के अध्यक्ष बीएस रावत कहा गया वर्ष 2002 में नियमित हुए कार्मिकों को न्यायालय की ओर से दिए गए निर्णय के अनुसार जब तक पूर्व की भांति 1991 से वेतन निर्धारित नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में राम प्रकाश राघव, राजेंद्र सेमवाल, टीएस बिष्ट, पूरण रावत, प्रमोद शर्मा आदि मौजूद थे।

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