फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news : first virtual version of Valley of Words began with a message from the Tibetan religion guru Dalai Lama

मसूरी : तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा के संदेश के साथ शुरू हुआ वैली ऑफ वर्ड्स का पहला वर्चुअल संस्करण

Sat, 21 Nov 2020 10:31 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/मसूरी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/मसूरी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 21 Nov 2020 10:31 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand news : first virtual version of Valley of Words began with a message from the Tibetan religion guru Dalai Lama
दलाई लामा - फोटो : ट्विटर

वैली ऑफ वर्ड्स लिटरेचर फेस्टिवल के पहले वर्चुअल संस्करण का शुक्रवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर तिब्बती प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सांगे ने तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा का संदेश पढ़ा। फेस्टिवल के चौथे संस्करण के पहले दिन आयोजित सत्रों में दुनिया के कई हिस्सों से दर्शक ऑनलाइन शामिल हुए। कार्यक्रम में सात अलग-अलग श्रेणियों में वैली ऑफ वर्ड्स बुक अवॉर्ड के विजेताओं के नाम भी घोषित किए गए। इन सभी को आयोजन के अंतिम दिन 23 नवंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक सम्मानित करेंगे। 

विज्ञापन


कार्यक्रम के संयोजक डा. संजीव चोपड़ा ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। तिब्बतन मोनेस्ट्री मेंड्रोलिन मठ के तिब्बती भिक्षुओं ने शाक्य मुनि मंत्र के उच्चारण के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की। तिब्बती प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सांगे ने तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा का संदेश पढ़ा और आयोजन को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वैली ऑफ वर्ड्स भारत के साहित्य व कला भंडार और गौरवशाली संस्कृति को अधिक समृद्ध करने का काम कर रहा है। उत्तराखंड और तिब्बत के वर्षों से एक-दूसरे के संबंध रहे हैं।
विज्ञापन


कैलाश मानसरोवर हिंदुओं के साथ ही बौद्ध और जैन धर्म को मानने वालों के लिए भी पवित्र स्थान है। उन्होंने कहा कि प्राचीन और आधुनिक ज्ञान का संयोजन हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे तिब्बती लोग अपने देश की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और तिब्बत की जोड़ी के लिए आने वाला वक्त बेहद संभावनाओं वाला है। विशेषकर साहित्य के क्षेत्र में हम एक दूसरे के लिए नई संभावनाओं को जन्म दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्सव का विधिवत रूप से उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आयोजन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते इस वक्त कोई भी आयोजन करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। उसके बावजूद आयोजक न केवल आयोजन कर रहे हैं, बल्कि उसकी सीमाओं को भी पहले से ज्यादा विस्तृत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में वेबीनार, ई बुक्स, वीडियो कॉल, ऑनलाइन डिस्कशन ने मुश्किल समय में हमारी पहुंच बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक चलने वाले वर्चुअल आयोजन को हजारों लोग लाइव भी देख सकेंगे।

यह उत्सव अंग्रेजी और हिंदी के साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य को भी नई ऊंचाईयां प्रदान करेगा। चौथे संस्करण में आयोजन एक क्षेत्र विशेष की सीमाओं से बाहर निकलकर ग्लोबल हो रहा है, जिससे साहित्य के विविध स्वरूपों को पसंद करने वाले लोग जुड़ भी रहे हैं। उन्होंने प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड और गणेश सैली की किताब सवाय सागा ऑफ आईकॉन का विमोचन भी किया। प्रधान ने कहा कि किताब का एक-एक शब्द पाठकों के लिए बहुमूल्य है। 

आज ये सत्र रहेंगे प्रमुख आकर्षण

वैली ऑफ वर्ड्स के दूसरे दिन कोरोना पर भी सत्र आयोजित होंगे। दूसरे दिन की शुरुआत सुहेल सईद खान के सितार कंसर्ट के साथ होगी। इसके बाद टेक्स्ट एंड कॉन्टेक्स्ट पर प्लेनरी सेशन होगा, जिसका मुख्य आकर्षण केरल के राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान होंगे। दूसरे दिन ही केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर जवाहर नवोदय विद्यालयों और संस्कृत के छात्रों की डिबेट भी होगी।

कोविड-19 इंपैक्ट ऑन इकोनॉमिक्स ऑफ स्टेट, रिवर्स माइग्रेशन एंड नीड ऑफ माइक्रो फाइनेंस, कोविड-19 : इम्पेक्ट ऑन पब्लिक हेल्थ एंड सोसाइटी इश्यूज सत्र पूरी तरह महामारी और उसके प्रभावों पर आधारित होंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया और हिंदी, देश-विदेश में हिंदी, यात्रा साहित्य, स्त्री : संघर्ष, सीमा और सृजन और दास्तान ए हिंद, दास्तान ए औरत सत्र हिंदी के भी आयोजित होंगे। सोशल मीडिया और हिंदी आज विशेष आकर्षण होगा।


इसमें डॉ. बालेंदु दाधीच, विजय कुमार मल्होत्रा, शोभा अक्षर, सुधा ओम ढींगरा और अमर उजाला उत्तराखंड के स्टेट हेड संजय अभिज्ञान शामिल होंगे। मुशायरा, गलियों के शहजादे, वेस्ट टू वेल्थ, ऑथर एंड ट्रांसलेटर, फ्रेंच ट्रांसलेशन वर्कशॉप, राजास, नवाब्स एंड फिरंगीस- फ्रेंच इन इंडिया, प्रिंस, पैट्रन एंड पैट्रीअर्च, कैन इंडिया बी सेल्फ रिलायंट इन डिफेंस, कैचिंग दैम यंग- मिलिट्री हिस्ट्री इन स्कूल्स, बॉडी, फैमिली, मेमोरी, कल्चरल नेशनलिज्म इन बंगाल दास्तान समेत अन्य सत्र होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed