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एक्सक्लूसिव : उत्तराखंड के सरकारी कालेजों में बढ़ेगा छात्र निधि शुल्क
Fri, 25 Dec 2020 04:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 25 Dec 2020 04:01 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा सत्र से प्रदेश के 105 महाविद्यालयों में पढ़ने वाले एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की छात्र निधियों को बढ़ाने की तैयारी है।
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विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले 20 साल से छात्रों से लिए जाने वाले शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यही वजह है कि कई बार महाविद्यालयों को इतने कम शुल्क से सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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समस्या को देखते हुए सरकार की ओर से उत्तराखंड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष प्रोफेसर बहादुर सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों का निरीक्षण कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी हैं।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ कुमकुम रौतेला के मुताबिक कॉलेजों में छात्र निधि शुल्क के रूप में वाचनालय, पुस्तकालय, प्रसाधन, विद्युत, कंप्यूटर, छात्रसंघ आईकार्ड आदि 16 से 20 तरह के शुल्क लिए जा रहे हैं , लेकिन शुल्क के रूप में ली जाने वाली धनराशि बहुत कम है।
कुछ में 5 रुपए तो किसी में 10 से 20 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। इतने कम शुल्क से सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में निर्णय लिया गया कि शुल्क में बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन कोविड-19 के चलते इस वर्ष शुल्क बढ़ोत्तरी के निर्णय को स्थगित कर दिया गया। लेकिन स्थिति कुछ सामान्य होने के बाद शुल्क को बढ़ाया जाएगा।
शुल्क में अलग-अलग मदों को समायोजित कर 25 फ़ीसदी या फिर इससे अधिक की बढ़ोतरी की जा सकती है। वर्तमान में जो शुल्क लिया जा रहा है पिछले 20 साल से इसमें बढ़ोत्तरी नहीं की गई।
- बहादुर सिंह, उपाध्यक्ष उत्तराखंड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति