फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand news: drone survey of doon will be done from August 1 to September 31

उत्तराखंडः एक अगस्त से 31 सितंबर तक होगा दून का ड्रोन सर्वे, कर चोरी नहीं कर पाएंगे लोग

Fri, 16 Jul 2021 02:06 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 16 Jul 2021 02:06 PM IST
सार

राजधानी में अभी 42 हजार से अधिक संपत्तियों का व्यावसायिक कर जमा हो रहा है। इसके अलावा 1.20 लाख से अधिक संपत्तियों का आवासीय कर जमा हो रहा है।

विज्ञापन
Uttarakhand news: drone survey of doon will be done from August 1 to September 31
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

राजधानी दून में संपत्ति कर का निर्धारण करने के लिए ड्रोन सर्वे होने जा रहा है। एक अगस्त से 31 सितंबर तक होने वाले इस सर्वे के बाद जीआईएस आधारित सर्वे से संपत्ति कर का आकलन किया जाएगा।

विज्ञापन


साथ ही निगम ने एक मोबाइल एप भी तैयार करवाया है, जिसमें डोर टु डोर सर्वे के बाद डाटा अपलोड किया जाएगा। इससे संपत्ति कर की चोरी करने या कम कर देने वालों पर नकेल कसी जा सकेगी। 
विज्ञापन


राजधानी में अभी 42 हजार से अधिक संपत्तियों का व्यावसायिक कर जमा हो रहा है। इसके अलावा 1.20 लाख से अधिक संपत्तियों का आवासीय कर जमा हो रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जो टैक्स का एक रुपया भी जमा नहीं कर रहे हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जो झूठ बोलकर कम टैक्स जमा करा रहे हैं। इन लोगों पर नकेल कसने के लिए निगम ने जीआईएस बेस्ड सर्वे का फैसला लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके तहत पूरे शहर का ड्रोन सर्वे किया जाएगा। इसमें सभी संपत्तियों, उनकी लोकेशन, लंबाई-चौड़ाई और क्षेत्रफल को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद निगम की एक टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी। इसमें लोगों की ओर से बताए गए सेल्फ एसेसमेंट के दावों की भी जांच होगी। यह टीम एक मोबाइल एप में पूरा डाटा अपलोड करेगी। इन दोनों सर्वे के आधार पर संपत्ति कर का आकलन किया जाएगा। 

एक्चुअल कारपेट एरिया पर लगेगा टैक्स
लोगों को अब एक्चुअल कारपेट एरिया पर टैक्स का भुगतान करना होगा। अभी बहुत से लोग संपत्ति को कम दर्शाकर टैक्स की चोरी कर रहे हैं। सर्वे के बाद सभी घर पूरी माप के साथ मैप पर दर्ज हो जाएंगे। इससे किसी भी संपत्ति का टैक्स आसानी से निकाला जा सकेगा। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी कर पाना आसान नहीं होगा। 


संपत्ति कर की सटीकता में यह सिस्टम उपयोगी साबित होगा। इसके अलावा कोई कर देेने से बच नहीं सकेगा। सभी संपत्तियों का सही कर आकलन भी होगा, जिससे लोगों को भी किसी तरह की दिक्कत नहीं रहेगी। 
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed